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वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम रिफॉर्म करने वाला पंजाब बना 13 वां राज्य, मिलेगा ये फायदा

राशन कार्ड तीन तरह के होते हैं, अंत्योदय कार्ड, बीपीएल और एपीएल.

राशन कार्ड तीन तरह के होते हैं, अंत्योदय कार्ड, बीपीएल और एपीएल.

अब तक कुल 13 राज्यों ने वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम (One Nation One Ration Card) रिफॉर्म की प्रक्रिया को पूरा किया है. पंजाब से पहले आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, केरल, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और तेलंगाना राज्य ने ये मुकाम को हासिल किया है.

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नई दिल्ली. पंजाब (Punjab), देश के उन राज्यों में शुमार हो गया है जिसने वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card) रिफॉर्म की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस मुकाम को हासिल करने के बाद पंजाब ओपन मार्केट से अब 1516 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज ले सकेगा. केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत पंजाब अब अपने वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्षम हो पायेगा.

पंजाब देश के इन राज्यों के कतार में हुआ खड़ा
अब तक कुल 13 राज्यों ने वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम रिफॉर्म की प्रक्रिया को पूरा किया है. पंजाब से पहले आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, केरल, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और तेलंगाना ही वे राज्य हैं जिन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है. इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद ये 13 राज्य ओपन मार्केट से 34,956 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज ले सकेंगे.

राज्य और उनके अतिरिक्त कर्ज की राशि
आंध्रप्रदेश 2525
गोवा 223
गुजरात 4352
हरियाणा 2146
कर्नाटक 4509
केरल 2261
मध्यप्रदेश 2373
राजस्थान 2731
तमिलनाडु 4813
तेलंगाना 2508
त्रिपुरा 148
उत्तरप्रदेश 4851
पंजाब 1516

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कोरोना काल में इस व्यवस्था की शुरूआत की गई थी
कोविड 19 और लॉक डाउन की वजह से देश के सभी राज्यों की वित्तीय हालात खस्ता हो गया था. राज्यों के पास अपने प्रशासनिक खर्च उठाने तक के लिए वित्त की कमी पड़ गई थी. इन परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने 17 मई 2020 को इस व्यवस्था की शुरूआत की थी. जिसके तहत वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम प्रक्रिया को पूरा करने वाले राज्यों को ओपन मार्केट से अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति होगी.

राज्यों को अपने जीएसटी का 2 फीसदी तक का कर्ज लेने की अनुमति होगी. जिसमें से 1 फीसदी नागरिक केंद्रित चार रिफॉर्म्स करने में सफलता हासिल करने की वजह से कर्ज लेने की अनुमति मिलेगी. यहीं नहीं इसके लिए नागरिकों के हितों के मद्देनजर भी सुधार करने पर भी बल दिया गया है. जिसके तहत वन नेशन वन राशन कार्ड को लागू करना,ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रिफॉर्म,अर्बन लोकल बॉडी या यूटिलिटी रिफॉर्म और ऊर्जा क्षेत्र में रिफोर्म करने का प्रावधान किया गया है.

अबतक 17 वैसे राज्य है जिसने इन चार रिफॉर्म्स में से कम से कम एक रिफॉर्म्स को सफलतापूर्वक लागू किया है. 13 राज्यों ने वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम को लागू किया है. 12 राज्यों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म को लागू किया है.वहीं महज 6 राज्यों ने ही लोकल बॉडी रिफॉर्म करने में सफलता पाई है. जबकि 2 राज्यों ने पावर सेक्टर में रिफार्म करने में सफलता पाई है. इन मापदंडों के तहत राज्यों को कुल 76,512 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की अनुमति दी जा चुकी है.

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प्रवासी मजदूरों को बनाया जाएगा सशक्त
देश के कई राज्यों के करोड़ों मजदूर और कामगार दूसरे राज्यों में रोजी रोटी कमाने जाते है. कोविड 19 संकट की वजह से लॉक डाउन पीरियड में लाखों मजदूरों के सामने रोजी रोटी के लाले पड़ गए थे. मजदूरों के इन्हीं संकटों को ध्यान रखते हुए सरकार ने वन नेशन वन राशनकार्ड सिस्टम को सभी राज्यों में लागू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इस सिस्टम से श्रमिकों,डेली मजदूर, शहरी गरीबों, घरेलू नौकरों जैसे लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. ये वर्क फ़ोर्स देश के किसी भी हिस्से से फ़ूड सिक्योरिटी स्कीम का लाभ ले सकेंगे. ये लोग किसी भी इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल से लैश फेयर प्राइस शॉप से अनाज का कोटा ले सकेंगे.

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वन नेशन वन राशनकार्ड सिस्टम का ये भी है फायदा
वन नेशन वन राशनकार्ड सिस्टम को लागू करने के पीछे मोदी सरकार का मकसद है कि सभी को उनके कोटे का अनाज मिले. राज्यों को भी योग्य लाभार्थियों की पहचान करने के साथ साथ नकली,डुप्लीकेट या अयोग्य कार्ड धारकों की भी पहचान करना आसान होगा. लाभार्थियों का आधार कार्ड को राशनकार्ड से लिंक कर दिया जाता है. जिसके बाद बॉयोमेट्रिक के जरिये लाभार्थियों को उनके कोटा के हिसाब से अनाज मुहैया कराई जाती है. अगर कोई राज्य सरकार अपने यहाँ के सभी लाभार्थियों के आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक कर देता है और सभी फेयर प्राइस सेल को ऑटोमेशन करने में सफलता हासिल कर लेता है तो राज्य अपने जीडीपी का 0.25 फीसदी रकम ओपन मार्किट से अतिरिक्त कर्ज ले सकता है.

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