पंजाब नेशनल बैंक की बड़ी जीत, 165 करोड़ के मामले में ब्रिटेन की अदालत ने बैंक के हक में सुनाया फैसला

पंजाब नेशनल बैंक की बड़ी जीत, 165 करोड़ के मामले में ब्रिटेन की अदालत ने बैंक के हक में सुनाया फैसला
देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक

भारत के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी (PNB-Punjab National) को एक बड़े मामले में जीत मिली है. ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में 2.2 करोड़ डॉलर (करीब 165 करोड़ रुपये ) के बकाया कर्ज वसूली मामले में बड़ी जीत हासिल की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 30, 2020, 10:25 AM IST
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लंदन. पीएनबी-पंजाब नेशनल बैंक (PNB-Punjab National Bank) की ब्रिटेन में स्थित सब्सिडियरी कंपनी  पंजाब नेशनल बैंक इंटरनेशनल लिमिटेड (पीएनबीआईएल) को बड़ी जीत हासिल हुई है. ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में 2.2 करोड़ डॉलर (करीब 165 करोड़ रुपये) के बकाया कर्ज वसूली मामले में बैंक के हक में फैसला सुनाया है.पीएनबीआई का यह मामला 2012 और 2013 का है जब उसने क्रूज लाइन एमवी डेलफिन की खरीद को लेकर कर्ज दिया था. इसको खरीदने वाला विशाल क्रूज लिमिटेड था. ऐसा कहा जाता है कि इसे सुपेरियर ड्रिंक्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन और भारत में कोका-कोला के विनिर्माता प्रदीप अग्रवाल की गारंटी के जरिये समर्थन प्राप्त थी. यह भी कहा जाता है कि सुोरियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एसआईएल) अग्रवाल से संबद्ध थी. लंदन में उच्च न्यायालय की वाणिज्यिक पीठ में दो दिन की सुनवाई पिछले महीने हुई.

जब कर्जदाताओं ने कर्ज नहीं लौटाया, पीएनबी ने कार्यवाही शुरू की. प्रतिवादियों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने विभिन्न गारंटी दी, लेकिन उनकी दलील थी कि रिण की आदयगी ब्रिटेन से की जाएगी इसकी कोई अनुमति होने का सबूत नहीं है.

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इसके लिये उन्होंने कई तर्क दिए जिन पर न्यायाधीश ने विचार किया और तब फैसला दिया. अग्रवाल और एसआईएल ने इस माह की शुरूआत में ब्रिटेन की अपीलीय अदालत में आवेदन देकर न्यायाधीश कोकेरिल की व्यवस्था के खिलाफ अपील दायर करने की मंजूरी मांगी है.
PNB को मिली बड़ी जीत-कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण मामले में डिजिटल तरीके से सुनवाई हुई. न्यायाधीश सारा कोकेरिल ने अपने आदेश में कहा कि मामला ब्रिटेन से संबद्ध है और बैंक को अंतरिम भुगतान के तौर पर 70,000 ब्रिटिश पौंड देने का आदेश दिया.

विधि कंपनी टीएलटी एलएलपी के भागीदार पॉल गेयर ने कहा, ‘‘यह पीएनबीआईएल के लिये बड़ी जीत है. इसका मतलब है कि वह ब्रिटेन की अदालतों में प्रतिवादियों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के लिये कदम बढ़ा सकती है.

'ये एक ऐतिहासिक फैसला है'- संयोग से यही विधि कंपनी 13 भारतीय बैंकों को माल्या से 1.05 अरब पौंड के अनुमानित कर्ज की वसूली मामले में सलाह दे रही है. उन्होंने कहा, यह इसी प्रकार के अन्य मामलों के लिये भी ऐतिहासिक निर्णय है. कई ऐसे मामले हैं जहां भारतीय बैंक ब्रिटेन की अदालतों में जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वाले उन लोगों के खिलाफ सफलतापूर्वक कदम उठा रहे हैं जो यहां या तो रह रहे हैं या फिर उनकी संपत्ति है. (ये खबर मनीकंट्रोल से ट्रांसलेट की गई है. अंग्रेजी में खबर पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें)
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