Home /News /business /

purchasing two wheeler insurance policy know five thing to reduce your insurance premium kcnd

अपने Two Wheeler का कराना चाहते हैं Insurance तो जानिए कैसे बचा सकते हैं प्रीमियम

आपके दोपहिया वाहन की इंजन की क्षमता यानी क्यूबिक कैपेसिटी (CC) भी इंश्योरेंस प्रीमियम को प्रभावित करता है.

आपके दोपहिया वाहन की इंजन की क्षमता यानी क्यूबिक कैपेसिटी (CC) भी इंश्योरेंस प्रीमियम को प्रभावित करता है.

Two Wheeler Insurance : आमतौर पर किसी भी प्रकार के वाहन का इंश्योरेंस उसकी कीमत, उसके प्रकार, उसकी क्यूबिर कैपेसिटी, उसकी उम्र यानी वह कितना पुराना है सहित कई बातों पर निर्भर करता है. थोड़ी समझदारी दिखाकर आप प्रीमियम (Insurance Premium) कम करा सकते हैं.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. अगर आपके पास दोपहिया वाहन (Two Wheelers) है और आप उसका इंश्योरेंस (Insurance) कराना चाहते हैं तो प्रीमियम बचाने का ख्याल मन में जरूर आया होगा. थोड़ी समझदारी दिखाकर आप प्रीमियम (Insurance Premium) कम करा सकते हैं. इसके कई तरीके हैं, जिसके बारे में जानकर कुछ पैसे बचा सकते हैं.

    आमतौर पर किसी भी प्रकार के वाहन का इंश्योरेंस उसकी कीमत, उसके प्रकार, उसकी क्यूबिर कैपेसिटी, उसकी उम्र यानी वह कितना पुराना है सहित कई बातों पर निर्भर करता है. नो क्लेम बोनस, एडऑन कवर आदि कई अन्य जरूरी तथ्य भी हैं, जिनके बार में जानकर आप अपने दोपिहया वाहन का इंश्योरेंस कराते समय अपना प्रीमियम कम करा सकते हैं. आइए जानते हैं कि प्रीमियम को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स के बारे में…

    ये भी पढ़ें- ईपीएफओ अंशधारकों को 1,000 रु की मासिक पेंशन बहुत कम‘, पढ़िए संसदीय समिति ने क्या कहा?

    Two Wheeler की कीमत
    फीचर्स, स्पेसिफिकेशंस, मॉडल के अनुसार दोपहिया वाहन की कीमत, बदलती रहती है. इंश्योरेंस दोपहिया वाहन की लागत को कवर करता है, इसलिए उसका प्रीमियम वाहन की लागत के अनुपात में सीधे होता है. अगर आपके दोपिहया वाहन की कीमत 70000 रुपये है तो उसके इंश्योरेंस का प्रीमियम 90000 रुपये कीमत वाले दोपहिया वाहन से कम होगा.

    ये भी पढ़ें- पंजाब नेशनल बैंक में एक और लोन फ्रॉड का मामला सामने आया, 2,060 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी

    इंजन की क्षमता
    आपके दोपहिया वाहन की इंजन की क्षमता यानी क्यूबिक कैपेसिटी (CC) भी इंश्योरेंस प्रीमियम को प्रभावित करता है. सीसी किसी भी वाहन के इंजन के पावर आउटपुट को बताता है. अगर आपका दोपहिया वाहन 150सीसी का है तो उसका प्रीमियम 350सीसी की मोटरसाइकिल के प्रीमियम से कम होगा. हालांकि, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का थर्ड पार्टी प्रीमियम अब वाहन के सीसी की बजाय किलोवॉट के आधार पर तय होता है.

    ये भी पढ़ें- भारत के लोग फिलहाल क्यों बच रहे हैं Gold खरीदने से? जानिए क्या कहते हैं व्यापारी

    कितनी पुरानी है आपकी बाइक
    आपकी बाइक जितनी पुरानी होगी, उसकी कीमत उतनी ही कम होगी. इसी प्रकार उसके इंश्योरेंस का प्रीमियम भी कम होगा. आपकी बाइक जितनी पुरानी होगी, डेप्रिसिएशन की दर उतनी ही अधिक होगी. दोपहिया वाहनों के लिए डेप्रिसिएशन की दर 6 महीने से कम पुराने वाहन के लिए 5 फीसदी है. 5 साल से पुराने वाहन के लिए 50 फीसदी तक जाती है. इससे भी प्रीमियम तय होता है.

    Insured Declared Value यानी आईडीवी
    आईडीवी (Insured Declared Value) वह अधिकतम कीमत है, जो आपकी इंश्योरेंस कंपनी आपके दोपहिया वाहन के पूरे नुकसान या चोरी के लिए भुगतान करेगा. आईडीवी की गणना हर साल इंश्योरेंस रिन्यू कराने के दौरान होती है. इसमें डेप्रिसिएशन की गणना भी एडजस्ट होती है. दोपिहया वाहन के पुराना होने के साथ आईडीवी घटती जाती है. इसकी भी प्रीमियम तय करने में अहम भूमिका होती है.

    नो क्लेम बोनस यानी NCB
    एनसीबी एक रिवॉर्ड है, जो आपको आपकी अच्छी ड्राइविंग के लिए मिलता है. यह छूट पूर्व निर्धारित स्लैब के अनुसार दी जाती है. इसकी शुरुआत 20 फीसदी से होती है और लगातार पांच क्लेम नहीं लेने पर यह 50 फीसदी तक पहुंच जाती है. अगर आप क्लेम नही लेते हैं तो आपको नो क्लेम बोनस मिलता है, जिससे आपका प्रीमियम कम हो जाता है.

    Tags: Bike, Engine, Insurance, NCB, Personal finance

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर