केंद्र को रघुराम राजन की चेतावनी, कहा-अर्थव्यवस्था को लेकर सतर्क रहना होगा

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन मानते हैं कि अभी सरकार को लोक-लुभावन फैसला करके वित्तीय मोर्चे पर जोखिम नहीं लेना चाहिए. रघुराम राजन का कहना है कि व्यापार घाटे की बड़ी वजह कच्चा तेल है लेकिन एक्सपोर्ट को लेकर भी दिक्कतें हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 11, 2018, 6:23 PM IST
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पेट्रोल, डीजल, रुपया और कच्चे तेल की वजह से अब आम महंगाई का खतरा है और सरकार पर दबाव बन रहा है. लेकिन, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन मानते हैं कि अभी सरकार को लोक-लुभावन फैसला करके वित्तीय मोर्चे पर जोखिम नहीं लेना चाहिए. रघुराम राजन का कहना है कि व्यापार घाटे की बड़ी वजह कच्चा तेल है, लेकिन एक्सपोर्ट को लेकर भी दिक्कतें हैं.

'सीएनबीसी-टीवी18' के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा है कि अभी वित्तीय मोर्चे पर सतर्क रहने की जरूरत है, सरकार अभी चुनावी बजट का खतरा मोल नहीं ले सकती. सरकार को एक्सपोर्ट बढ़ाने की कोशिश करनी होगी.(ये भी पढ़ें-SBI ने बदला कैश जमा करने का नियम, जान लें ये जरूरी बातें )

डूबे कर्ज को निपटाने पर तेजी से कदम उठाने होंगे- रघुराम राजन का कहना है कि एनपीए के ज्यादा से ज्यादा मामले कोर्ट के बाहर सेटल करने की जरूरत है, क्योंकि एनसीएलटी पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि हर छोटा मामला एनसीएलटी में जाना ठीक नहीं है, बल्कि सिर्फ वही मामले जाएं जो हल नहीं हो पा रहे हैं. एनसीएलटी पर दबाव बढ़ा तो मामले सुलझना मुश्किल होगा.(ये भी पढ़ें-Post Office Vs SBI: जानें कहां FD कराने पर आपको मिलेगा ज्यादा रिटर्न)



रुपये पर बोले राजन-रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने सोमवार को उम्मीद जतायी कि रुपये में निर्बाध गिरावट जारी नहीं रहेगी, क्योंकि केंद्रीय बैंक महंगाई दर को काबू में रखने के लिए उपयुक्त रूप से ब्याज दर बढ़ा रहा है. वैश्विक व्यापार युद्ध बढ़ने की आशंका के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 72 से ऊपर निकलते हुए 72.45 के स्तर पर पहुंच गया.
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