कोरोना संकट में मदद के लिए लौटेंगे भारत? रघुराम राजन ने ये दिया जवाब

 Lockdown के बाद इकॉनमी को संभालने के लिए भारत को बनना होगा नया प्लान:राजन

Lockdown के बाद इकॉनमी को संभालने के लिए भारत को बनना होगा नया प्लान:राजन

RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) से जब पूछा गया है कोरोना महामारी (Coronavirus) के दौरान आर्थिक मामलों पर सहायता के लिए क्या वो भारत लौट आएंगे? इस पर उन्होंने कहा कि जवाब बिल्कुल सीधा है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 11:43 AM IST
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नई दिल्ली. आरबीआई (RBI-Reserve Bank of India) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि कोरोना वायरस की वजह से भारत को हो रहे बड़े आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद के लिए हमेशा साथ है. उन्होंने NDTV की दिए इंटरव्यू में ये बातें कही. उनसे जब पूछा गया कि कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक मामलों पर सहायता के लिए क्या वो भारत लौट आएंगे? इस पर उन्होंने कहा कि जवाब बिल्कुल सीधा है. अगर भारत मदद मांगता है तो मैं आने के लिए तैयार हूं. आपको बता दें कि पूर्व गवर्नर रघुराम राजन पहले भी कह चुके हैं कि उनके लायक अगर कोई अवसर आता है तो वह भारत लौटने को तैयार हैं.



आपको बता दें कि अपने 3 साल के RBI बैंक गवर्नर कार्यकाल को पूरा करने के बाद रघुराम राजन अब शिकागो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल सितंबर 2016 में खत्म हुआ था.



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आर्थिक सुधार कब आएगा?- आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा कि दुनिया लगभग निश्चित रूप से एक गहरी मंदी में है. मैं उम्मीद करता हूं कि हमें अगले साल आर्थिक सुधार देखने को मिल सकता है, लेकिन ये सब आर्थिक सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर निर्भर करेगा.
आपको बता दें कि कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से भारत समेत दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं की हालत बेहद खराब हो गई है. इस हालात से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने बाहरी सलाहकार समूह का गठन किया है. इस समूह में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को भी शामिल किया गया है.



भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति कैसी है?- राजन कहते हैं, 'भारत में कठिनाइयों का पहला संकेत अक्सर विदेशी मुद्रा से मिलता है, लेकिन अब तक अन्य इमर्जिंग अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत की करेंसी उतनी नहीं गिरी है. RBI काफी हद तक इसे संभालने में कामयाब रहा है. जबकि, आप जानते हैं कि ब्राजील जैसे देशों की करेंसी 25 फीसदी नीचे चली गई है. हम उस खराब स्थिति में नहीं हैं.



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