• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • जीडीपी में आई गिरावट चिंताजनक, अगर नहीं लिए उठाए गए ये कदम तो और बदतर हो सकती है इकॉनमी- रघुराम राजन

जीडीपी में आई गिरावट चिंताजनक, अगर नहीं लिए उठाए गए ये कदम तो और बदतर हो सकती है इकॉनमी- रघुराम राजन

Raghuram Rajan ने सरकार को चेताया कहा और बदतर हो सकती है इकॉनमी की स्थिति

Raghuram Rajan ने सरकार को चेताया कहा और बदतर हो सकती है इकॉनमी की स्थिति

कोरोना के कारण इकॉनमी को बहुत नुकसान हो रहा है, जिसकी चिंता पूरे देश को हो रही है. इसी कड़ी में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने अपने लिंक्डइन पेज पर एक पोस्ट में लिखा है, जिसमें उनका कहना है कि देश की जीडीपी (GDP) के आंकड़ों से सभी को अलर्ट हो जाना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:
    नई दिल्ली. कोरोना के कारण इकॉनमी को बहुत नुकसान हो रहा है. जिसकी चिंता पूरे देश को हो रही है. इसी कड़ी में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने अपने लिंक्डइन पेज पर एक पोस्ट में लिखा है. जिसमें उनका कहना है कि देश की जीडीपी (GDP) के आंकड़ों से सभी को अलर्ट हो जाना चाहिए. राजन (Raghuram Rajan) ने लिखा है कि जब इनफॉर्मल सेक्टर के आंकड़े जोड़े जाएंगे तो इकॉनमी में 23.9 फीसदी की गिरावट और बदतर हो सकती है. उनका मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को अमेरिका और इटली से भी ज्यादा नुकसान हुआ है. बता दे कि ये दोनों देश कोरोना वायरस महामारी (Covid-19 pandemic) से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे.

    राजन ने कहा कि सरकार भविष्य में प्रोत्साहन पैकेज देने के लिए आज संसाधनों को बचाने की रणनीति पर चल रही है जो आत्मघाती है. सरकारी अधिकारी सोच रहे हैं कि वायरस पर काबू पाए जाने के बाद राहत पैकेज देंगे, वे स्थिति की गंभीरता को कमतर आंक रहे हैं. ऐसे चलता रहा तो इकॉनमी को बहुत नुकसान हो जाएगा.

    ये भी पढ़ें:- क्या नौकरियों में कटौती के साथ रेलवे का पूरी तरह से किया जा रहा है निजीकरण?

    राहत पैकेज के बिना बर्बाद हो जाएंगे लोग
    राजन का कहना है कि अगर आप इकॉनमी को एक मरीज की तरह देखें तो उसे लगातार इलाज की जरूरत है. राजन ने कहा, 'राहत के बिना लोग खाना छोड़ देंगे, वे बच्चों को स्कूल से निकाल देंगे और उन्हें काम करने या भीख मांगने के लिए भेज देंगे, कर्ज लेने के लिए अपना सोना गिरवी रख देंगे, ईएमआई और मकान का किराया बढ़ता जाएगा. इसी तरह राहत के अभाव में छोटी और मझोली कंपनियां अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाएंगी, उनका कर्ज बढ़ता जाएगा और अंत में वे बंद हो जाएंगी. इस तरह जब तक वायरस पर काबू होगा, तब तक इकॉनमी बर्बाद हो जाएगी.' पूर्व गवर्नर ने मुताबिक यह सोचना गलत है कि सरकार रिलीफ और स्टिमुलस, दोनों पर खर्च नहीं कर सकती है. राजन ने कहा कि संसाधनों को बढ़ाने और सही से खर्च करने की जरूरत है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज