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रेलवे में बदलाव, अब टिकट बुक करने वाले करेंगे TTE का काम

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

भारतीय रेल ने एक नया आदेश जारी कर टिकट बुक करने वाले क्लर्क को टीटीई का काम करने को कहा है. रेलवे के नए आदेश के मुताबिक टिकट चेकिंग स्टाफ की कमी के कारण टिकट की जांच ठीक से नहीं हो पाती है जिससे रेलवे के राजस्व में नुकसान की संभावना बढ़ गई है.

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भारतीय रेल ने एक नया आदेश जारी कर टिकट बुक करने वाले क्लर्क को TTE का काम करने को कहा है. रेलवे के नए आदेश के मुताबिक टिकट चेकिंग स्टाफ की कमी के कारण टिकट की जांच ठीक से नहीं हो पाती है जिससे रेलवे के राजस्व में नुकसान की संभावना बढ़ गई है. इसमें कहा गया है कि टिकट जांच के लिए पर्याप्त संख्या में स्टाफ नहीं होने से मुसाफिरों को भी परेशानी हो रही है.

इस आदेश में दलील दी गई है कि मौजूदा समय में 65 फ़ीसदी टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं इसलिए टिकट बुकिंग क्लर्क के पास काम कम हो गया है.

रेलवे में खाली पद नहीं भरे जानें की वजह से हो रहा है बदलाव
ऐसे में ट्रेनिंग देकर ECRC यानि Enquiry cum Reservation Clerk को स्टेशनों पर टिकट जांच के काम में लगाया जा सकता है. वहीं नए आदेश के मुताबिक फिलहाल स्टेशनों पर मुसाफिरों के टिकट की जांच करने वाले स्टाफ को चलती ट्रेन में टिकट जांच के काम में लगाया जाए.

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ECRC रेलवे में कमर्शियल डिपार्टमेंट के स्टाफ होते हैं. इनके यूनियन का दावा है कि फिलहाल रेलवे में कमर्शियल के 30 हज़ार पर खाली पड़े हैं जबकि हर साल दर्जनों नई ट्रेने चलाई जा रही हैं. ऐसे में रेलवे में खाली पदों को नहीं भरा जा रहा है.

रेल यूनियन का मानना है कि रेलवे में क़रीब 3 लाख पद खाली पड़े हैं. जबकि इसी साल 40 हज़ार स्टाफ रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में खाली पदों को भरना जरूरी है और ऐसी पहल से कोई फायदा नहीं होने वाला है. यूनियन की नाराज़गी एक और बात को लेकर है कि  ECRC स्टाफ और टिकट चेकिंग स्टाफ के पे-स्केल और सिनियॉरिटी में फर्क है और हर किसी से एक सा काम कराने का आदेश जारी करना सही नहीं है.

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रेलवे ही नहीं हर विभाग में ज़रूरत के हिसाब से लोगों का काम बदलने की परंपरा रही है. मसलन अब रेलवे में कोयले से ट्रेनें नहीं चलती हैं जबकि डीज़ल से कम ट्रेनें चलती हैं. ऐसें में ईंजन में कोयला डालने या डीज़ल डालने वालों को नई ट्रेनिंग देकर नए काम में लगाया जाता है. इसलिए अगर ECRC स्टाफ के पास ज़्यादा काम नहीं हो तो उनकी भूमिका बदलना स्वाभाविक है.

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