रेलवे के टाइमटेबल से हट सकती हैं 600 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें, होंगे कई बड़े बदलाव

जीरो-बेस्ड टाइमटेबल को लेकर जल्द ही नया नोटिफिकेशन जारी हो सकता है.
जीरो-बेस्ड टाइमटेबल को लेकर जल्द ही नया नोटिफिकेशन जारी हो सकता है.

इंडियन रेलवे जीरो-बेस्ड टाइमटेबल (Zero-based Time table) जारी करने वाला है. फिलहाल इस पर काम चल रहा है और जल्द ही इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. इस नये टाइमटेबल में कई तरह के बदलाव किए जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2020, 1:47 PM IST
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नई दिल्ली. सभी पैसेंजर ट्रेनों (Passenger Trains) के लिए रेलवे (Indian Railway) द्वारा जल्द ही लागू की जाने वाली "जीरो-बेस्ड" टाइमटेबल (Zero-Based Time Table) में कई खास बातें होंगी. आने वाले दिनों में इसे लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. मुमकिन है कि इस नये टाइमटेबल में 600 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को ड्रॉप किया जा सकता है. साथ ही, 10,200 हाल्ट्स को भी खत्म किया जा सकता है. रेलवे के प्लान के मुताबिक, करीब 360 पैसेंजर ट्रेनों को मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों में कन्वर्ट किया जाएगा. साथ ही, करीब 120 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेनों की कैटेगरी में अपग्रेड किया जाएगा. एक मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि फिलहाल रेलवे इस प्लान पर काम कर रहा है और जल्द ही नोटिफिकेशन जारी​ किया जाएगा.

बीते गुरुवार को ही रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव (V K Yadav) ने कहा था कि नये सिस्टम को तभी लागू किया जाएगा, जब रेलवे का परिचालन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'फिलहाल कोविड-19 ​की स्थिति को देखते हुए मैं एक तय समय नहीं बता सकता हूं. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हम सामान्य सेवाएं कब शुरू कर पाएंगे.'

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टाइम स्लॉट को लेकर आईआईटी मुंबई की मदद
इसके पहले भी कुछ मीडिया​ रिपोर्ट्स में कहा जा चुका है कि नये सिस्टम के तहत पैंसेजर ट्रेनों के साथ-साथ हाल्ट स्टेशनों की संख्या कम की जाएगी. रेलवे द्वारा अब इस बदलाव का मतलब है कि सभी पैसेंजर ट्रेनों का टाइमटेबल नये सिरे से तैयार किया जाएगा. रेलवे ने यह भी कहा है कि आईआईटी मुंबई की मदद से एक खास प्लान तैयार किया जा रहा है. इसके तहत मालवाहक ट्रेनों और मेंटेनेंस के लिए अलग से टाइम स्लॉट की व्यवस्था की जाएगी.

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देर रात तक स्टॉपेज नहीं रखने की कोशिश
माना जा रहा है कि रेलवे के इस नये पहल से देश के सबसे बड़ी ट्रांसपोर्ट सर्विस को वित्तीय रूप से लाभ मिल सकेगा और खर्च में भी कमी आएगी. बीते कुछ समय में पैसेंजर सेग्मेंट को रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. रेलवे अपने रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिशों में जुटा है. सूत्रों ने यह भी बताया है कि जीरो-बेस्ड टाइमटेबल में इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि ट्रेनों की स्टॉपेज देर रात जैसे असुविधाजनक समय पर न हो. इससे पैसेंजर्स को परेशानी होती है.
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