अब छोटे किसानों की कमाई बढ़ाएगा इंडियन रेलवे, जानिए क्या है नई तैयारी

इन ट्रेनों को फलों और सब्ज्यिों के सीजन में ऑपरेट किया जाएगा.
इन ट्रेनों को फलों और सब्ज्यिों के सीजन में ऑपरेट किया जाएगा.

इंडियन रेलवे (Indian Railways) अब फलों और सब्जियों के लिए स्पेशल किसान ट्रेनें (Special Kisan Trans) चलाने की तैयारी में है. सबसे पहले संतरे और कीनू के लिए स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी. रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) चाहता है कि छोटे किसानों को सबसे ज्यादा लाभ मिले.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 12:40 PM IST
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नई दिल्ली. छोटे​ किसानों (Small scale Farmers) को फायदा पहुंचाने के लिए इंडियन रेलवे (Indian Railway) अब किसान ट्रेनों को सीजनल फल सब्जियों के लिए भी लिंक करने की तैयारी में है. रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी. सबसे पहले महाराष्ट्र के नागपुर और नई दिल्ली के बीच संतरों के लिए पहली किसान ट्रेन चलाई जा सकती है. इसके अलावा किनू स्पेशल ट्रेन भी पंजाब और पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के बीच चलाने की तैयारी है. अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर व जनवरी में इन ट्रेनों की शुरुआत हो सकती है. पिछले महीने ही किसान रेल सर्विस (Kisan Rail Service) को लॉन्च किया गया था. अब तक 4,100 टन सामान देशभर के मार्केट्स तक इन ट्रेनों के जरिए पहुंचाया जा चुका है.

अधिकारियों ने बताया अभी इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि ज़ोनल रेलवे (Zonal Railways) से इसे बारे में फीडबैक मिल गया है ताकि सीजनल उत्पादों को ट्रेनों के जरिए देशभर के बाजारों में पहुंचाया जाए. संभव है कि सबसे पहले संतरे और कीनू के लिए ही ट्रेनें चलाई जाएंगी.

छोटे किसानों को फायदा देने पर ज़ोर
एक अधिकारी ने कहा कि हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इन ट्रेनों से छोटे स्तर के किसानों को सबसे ज्यादा लाभ मिले. छोटे किसान एक बार में पूरी ट्रेन नहीं बुक कर सकते हैं. इस सुविधा के तहत वो अपनी जरूरत और उत्पाद के आधार पर बुकिंग कर सकेंगे.
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अब तक 3 किलो अनार का है सबसे छोटा कंसाइनमेंट
अधिकारियों ने बताया कि देवालाली-दानापुर, अनंतपुर-दिल्ली और यशवंतपुर-निजामुद्दीन के बीच तीन किसान ट्रेनें 85 फीसदी क्षमता पर चल रही हैं. न्यूज एजेंसी PTI ने कुछ आंकड़ों के हवाले से कहा है कि किसान रेल द्वारा सबसे छोट कंसाइनमेंट (Railway's Smallest Consignment) अनार के 3 किलोग्राम के पैकेट का है, जो नासिक से मुजफ्फरपुर के लिए गया था. मनमाड से खंडावा के लिए बीते 14 अगस्त को 17 दर्ज अंडे भी सबसे छोटे कंसाइनमेंट में से एक है.

इन फलों के लिए भी चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
संतरे और कीनू के अलावा अप्रैल से जून के बीच आंध्र प्रदेश से दिल्ली के लिए आम स्पेशल (Mango Special), मार्च से दिसंबर के बीच नासिक से दिल्ली के लिए प्याज स्पेशल (Onion Special), मार्च से दिसंबर के बीच जलगांव से दिल्ली के लिए केला स्पेशल (Banana Special) ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है. इसी प्रकार अप्रैल से नवंबर के बीच सूरत, वलसाड़ और नवसारी से दिल्ली के बीच चीकू स्पेशल  (Chikuu Special) ट्रेनें चलाई जाएंगी.

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अधिकारियों ने बताया कि जितनी लंबी दूरी के लिए सामान भेजा जाता है, ढुलाई खर्च उतना ही कम होता है. उन्होंने बताया कि 0 से 500 किलोमीटर की दूरी के ​​बीच रेलवे की सर्विसेज महंगी होती हैं. लेकिन 1,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए रोडवेज की तुलना में यह किफायती होता है. 2000 किलोमीटर से दूरी के लिए रोडवेज की तुलना में ट्रेनों से माल ढुलाई करीब 1,000 रुपये प्रति टन सस्ता पड़ता है.
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