रेलवे का 31 साल पुराने डीज़ल इंजनों को फौरन हटाने का आदेश!

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: August 19, 2019, 6:34 PM IST
रेलवे का 31 साल पुराने डीज़ल इंजनों को फौरन हटाने का आदेश!
रेलवे का 31 साल पुराने डीज़ल इंजनों को फौरन हटाने का आदेश

भारतीय रेल (Indian Rail) अपने नेटवर्क में चलने वाली 31 साल पुराने सारे डीज़ल इंजनों (Diesel Engine) को बाहर करने जा रहा है.

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भारतीय रेल (Indian Rail) अपने नेटवर्क में चलने वाली 31 साल पुराने सारे डीज़ल इंजनों (Diesel Engine) को बाहर करने जा रहा है. रेलवे बोर्ड (Railway Board) के तरफ से इसे लेकर एक निर्देश भी जारी किया गया है कि रेलवे में 31 साल पूरे कर चुके सारे डीज़ल इंजन (Diesel Engine) को फौरन हटाया जाए. रेलवे सूत्रों के मुताबिक़ फ्यूल (Fuel) की खपत को कम करने के लिए साथ ही स्पीड मेंटेन (Speed Maintain) करने के लिए पुराने डीजल इंजनो को फेज आउट किया जा रहा है.

पुराना इंजन चलाना घाटे का सौदा
रेलवे अधिकारीयों के अनुसार इन फैसले के पीछे पुराने पड़ गये डीजल इंजनो की फ्यूल एफीसीयंसी का कम होना है जिसकी वजह से इनके संचालन में डीजल की खपत ज्यादा होती है. ऐसे में पुराने इंजन के चलाना घाटे का सौदा होता है.

इसके अलावा रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन पर बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है जिसके तहत भारत रेलवे की तरफ से 2022 तक 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य रखा गया है. पूरे रेल नेटवर्क को इलेक्ट्रिक लाइन से जोड़ देने के बाद डीजल इंजन चलना बंद हो जाएगा जिससे प्रदूषण कम होने के साथ साथ स्पीड में भी तेजी आएगी. हालांकि पहाड़ी इलाकों में डीज़ल इंजन ही चलाया जाएगा क्योंकि वहां इलेक्ट्रिफिकेशन का काम व्यवहारिक नहीं हो सकता. इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में बैकअप के तौर पर रेलवे डीज़ल इंजन भी रिज़र्व में रखेगा ताकि आपातकालीन हालात में इनका इस्तेमाल ट्रेन चलाने में हो सके. ये भी पढ़ें: UDAY Express Train: इन दो शहरों के बीच चलेगी एक और डबल डेकर AC ट्रेन, यहां जानें पूरा टाइम टेबल



12 हजार रेल इंजन मौजूद
मौजूदा समय में भारतीय रेल डीजल और इलेक्ट्रिक इंजन मिलाकर करीब 12 हजार रेल इंजन है जिनमें 6 हजार के डीजल इंजन हैं. इनमें 31 साल से ज्यादा पुराने पड़ चुके इंजनो की संख्या करीब 350 से 400 के है. इस तरह के सबसे ज़्यादा 47 इंजन उत्तर रेलवे में इस्तेमाल हो रहे हैं.
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इतनी होती है इंजन की उम्र
आमतौर पर रेलवे के एक कोच की उम्र 25 साल की होती है जबकि इंजन की उम्र 18 की होती है. हालांकि इंजन को ठीक कर और इसके उपकरण को बदलकर इसे 35 साल तक चलाया जा सकता है.
इसके साथ ही बिहार के मढ़ौरा डीजल कारखाने में हैवी ड्यूटी वाले इंजन बनाने वाली कम्पनी GE भी इंजन बनाने जा रहा है. लेकिन समझौते के तहत GE से 300 इंजन इंपोर्ट भी किया जा रहा है जो भारतीय रेल में इस्तेमाल किया जाएगा. हाल ही में इस इंजन का साउथ सेंट्रल रेल में इसका ट्रायल हुआ था. WDG 6G की ये इंजने हैवी ड्यूटी के 6 हजार हार्सपॉवर की डीजल इंजन सबसे पॉवर फूल रेल इंजन होगी. फिलहाल मढ़ौरा में 4500 हार्स पॉवर की इंजने तैयार होती है.

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First published: August 19, 2019, 6:34 PM IST
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