देश के पहले टॉय फेयर का कुछ अलग होगा अंदाज, पारंपरिक खिलौनों में नजर आएंगे देश के रंग

प्रतीकात्मक तस्वीर

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राजस्थान का उद्योग विभाग चार दिवसीय 'इंडिया टॉय फेयर' (India Toy Fair) में राज्य के पारंपरिक खिलौनों के साथ राज्य के बढ़ते खिलौना उद्योग को प्रदर्शित करेगा.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा 27 फरवरी से 2 मार्च तक डिजिटल माध्यम से टॉय फेयर (Toy Fair) आयोजित किया जा रहा है. इस फेयर में देश के विभिन्न राज्यों के व्यवसायी को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा. सरकार की इस पहल से भारत के बढ़ते खिलौना उद्योग को मंच प्रदान करने के लिए मदद मिलेगी. देश पहले टॉय फेयर में हर क्षेत्र की पारंपरिक कलाकृतियां देखने को मिलेंगी. वहीं, राजस्थान का उद्योग विभाग चार दिवसीय 'इंडिया टॉय फेयर' (India Toy Fair) में राज्य के पारंपरिक खिलौनों के साथ राज्य के बढ़ते खिलौना उद्योग को प्रदर्शित करेगा.

उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस मंच से राज्य में नए उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन नीति 2019 के साथ साथ अलवर के खुशखेड़ा में खेल साजो सामान व खिलौना जोन की स्थापना के बारे में जानकारी दी जाएगी.

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अधिकारी ने कहा कि अलवर स्थित जोन उद्योग विकास विभाग रीको द्वारा विकसित किया गया है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ लगने वाली इकाइयों को बेचान में सहूलियत होती है और रीको द्वारा विकसित आधारभूत सुविधाओं का लाभ भी मिलता है. रीको द्वारा इसकी परिकल्पना कोरोना महामारी से पहले की गई थी. लेकिन लॉकडाउन व अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद 21 खिलौना निर्माताओं ने यहां निवेश किया है.
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खिलौनों से रोजगार के लिए 2300 करोड़ रुपये मंजूर

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में 8 टॉय मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (Toy manufacturing clusters) को मंजूरी दी है. कलस्टरों के जरिए देश के पारंपरिक खिलौना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. इन कलस्टरों के निर्माण पर 2,300 करोड़ रुपए की लागत आएगी. कलस्टरों में लकड़ी, लाह, ताड़ के पत्ते, बांस और कपड़ों के खिलौने बनेंगे.



केंद्र की योजना के मुताबिक सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश में 3 कलस्टर बनेंगे. इसके बाद राजस्थान में 2, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडू में एक-एक टॉय मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स का निर्माण होगा. गौरतलब है कि अभी स्फूर्ति योजना के तहत कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में दो टॉय क्लस्टर्स बनाए गए हैं.
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