लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था बिगड़ी, मजदूरों को 6 महीने पैसे देने से बढ़ेगी मांग: राजीव बजाज

लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था बिगड़ी, मजदूरों को 6 महीने पैसे देने से बढ़ेगी मांग: राजीव बजाज
कोविड-19 लॉकडाउन पर राहुल गांधी ने राजीव गांधी से बातचीत की.

गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बजाज के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज (Rajiv Bajaj) से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत में सख्त लॉकडाउन लगाया गया. इससे आम लोगों के और भी कठिनाई पैदा हुईं.

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नई दिल्ली. बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज (Rajiv Bajaj) ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से कोरोना वायरस से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की. इस दौरान राजीव बजाज ने कहा कि मार्च के अंत में देशभर में लगाये गये लॉकडाउन का मकसद कोविड-29 रेखा (COVID Curve) को फ्लैट करना था. लेकिन इस कदम से एक दूसरी रेखा ही फ्लैट हो गई. दूसरी रेखा से उनका तात्पर्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP - Gross Domestic Product) से था. कोरोना वायरस के लेकर सरकार द्वारा उठाये कई कदम और उससे होने वाले नुकसान को लेकर उन्होंने राहुल गांधी से चर्चा की.

झेलनी पड़ रही दोहरी मार
बजाज ने कहा कि सरकार के इस कदम से देश को दोहरे मोर्चे पर मार झेलनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका और यूरोप के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की जो कि एशियाई देशों के लिए गलत बेंचमार्क है. हमें जापान और दक्षिण कोरिया के आधार पर रणनीति बनानी चाहिये थी.

उद्योगपतियों पर भी निशाना



उन्होंने कहा कि भारत में 100 लोग बोलने से डरते हैं, जबकि इन 100 में से 90 लोगों के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं होता है. उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि बोलने की जोखिम बहुत कम लोग उठा पाते हैं. उद्योगपतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो भी दूध के धुले हुए नहीं हैं. हालांकि, सभी लोग एक जैसे नहीं होते हैं.



याद दिला दें कि पिछले साल ही राजीव के पिता राहुल बजाज ने गृह मंत्री अमित शाह को कहा था कि देश में डर का माहौल है. लोगों को यह भी विश्वास नहीं है कि अगर वो अलोचना करते हैं तो सरकार इसे किस तरह से लेगी.

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पैकेज नहीं सरकार ने प्रोत्साहन दिया
मजूदरों को लेकर उन्होंने कहा कि अगर इन्हें 6 महीने तक ही पैसा दिया जाये तो इससे बाजार में मांग बढ़ेगी. कंपनियों को भी स्पेशलिस्ट बनाने की जरूरत है. सरकार द्वारा हाल ही में ऐलान किये ये 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज (Economic Package 2.0) को लेकर उन्होंने कहा कि यह पैकेज नहीं बल्कि प्रोत्साहन है. अन्य देशों में पैके दिया जाता है.

सख्त लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था बिगाड़ी
राजीव बजाज ने कहा कि आम लोगों के लिए नजरिये से देखें तो लॉकडाउन काफी कठिन है. भारत जैसे लॉकडाउन दुनिया में कहीं भी नहीं हुआ. हर किसी को बीच का रास्ता निकालना चाहिए. भारत ने ​पश्चिम की ओर देखा, बल्कि उससे भी आगे निकलकर ​कठिन लॉकडाउन की तरफ बढ़ गया. उन्होंने कहा कि इस कठिन लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था बिगड़ी गई.

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First published: June 4, 2020, 7:55 PM IST
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