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Rakesh Jhunjhunwala : शेयर बाजार में झुनझुनवाला ने किससे सीखी ट्रेडिंग, अब क्या करते हैं उनके 'गुरू'

राधाकिशन दमानी को अपना गुरू मानते थे राकेश झुनझुनवाला.

राधाकिशन दमानी को अपना गुरू मानते थे राकेश झुनझुनवाला.

राकेश झुनझुनवाला को कई निवेशक अपने गुरू के रूप में देखते हैं लेकिन झुनझुनवाला भी किसी को अपना गुरू मानते थे. उनका नाम ह ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

राधाकिशन दमानी को अपना गुरू मानते थे राकेश झुनझुनवाला.
झुनझुनवाला ने दमानी से ही ट्रेडिंग के गुण सीखे थे.
14 अगस्त 2022 को राकेश झुनझुनवाला का निधन हो गया.

नई दिल्ली. अगर शेयर बाजार में आपकी रूचि है तो भारत के वॉरेन बफेट कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) का नाम आपने जरूर सुना होगा. 14 अगस्त 2022 को 62 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. राकेश झुनझुनवाला निवेशकों के बीच खासे लोकप्रिय थे और उनके सफर ने कई लोगों को शेयर बाजार से पैसा कमाने की प्रेरणा दी थी. कई लोगों उनके जाने-अनजाने उन्हें अपना गुरू मानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि झुनझुनवाला किसे अपना गुरू मानते थे. उनका नाम है राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani). वे भारत के चुनिंदा सेल्फ-मेड अरबपतियों में से एक हैं.

राधाकिशन दमानी ने 5,000 रुपये के साथ अपने ट्रेडिंग करियर की शुरुआत की. इत्तेफाक से राकेश झुनझुनवाला ने अपने कॉलेज के दिनों में इतनी ही राशि से अपना सफर भी शुरू किया था. दमानी धीरे-धीरे रिटेल के बिजनेस में डी-मार्ट (D-Mart) खड़ा कर दिया. डी-मार्ट का मार्केट कैप आज (14 अगस्त 2022) 2.81 लाख करोड़ रुपये है.

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शेयर बाजार पहुंचने का सफर
राधाकिशन दमानी का जन्म 15 मार्च 1954 में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था. उनके पिता स्टॉक ब्रोकर (Stock Broker) थे, जिसके चलते राधाकिशन को भी शेयर बाजार की अच्छी समझ थी. आरके दमानी अपनी बीकॉम की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए. वे मुंबई यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे लेकिन शेयर मार्केट में अपना काम स्थापित करने के लिए वे ड्रॉप-आउट हो गए, इसके बाद वह भी एक स्टॉक ब्रोकर बन गए. 1985-86 में उनके पिता शिवकिशन दमानी का निधन हो गया. उनके पिता का एक छोटा बॉल-बेयरिंग का एक छोटा सा बिज़नेस भी था जिसे राधाकिशन दमानी ने बंद कर दिया और पूरी तरह शेयर बाजार में समर्पित हो गए. लेकिन उन्होंने स्टॉक ब्रोकिंग छोड़कर 5,000 रुपये से खुद का निवेश शुरू किया. उन्होंने बेहतर भविष्य वाली कंपनियों पर दांव लगाया जो सही साबित हुआ उन्होंने खूब पैसा कमाया.

हर्षत मेहता स्कैम
दमानी ने हर्षद मेहता स्कैम के समय शॉर्ट सेलिंग करके भी काफी पैसा बनाया था. उन्हें बाजार में घोटाले की भनक लग गई थी और उन्होंने मार्केट के गिरने पर पैसा लगाया. ऐसा ही हुआ और दमानी को जबरदस्त मुनाफा हुआ.

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राकेश झुनझुनवाला ने माना गुरू
राधाकिशन दमानी को लेकर राकेश झुनझुनवाला ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह उन्हें अपना गुरू मानते हैं. बकौल झुनझुनवाला, उन्होंने दमानी से ही ट्रेडिंग सीखी थी. उन्होंने कहा था कि ट्रेडिंग को लेकर राधाकिशन दमानी में जो अनुशासन था वह किसी किसी और में नहीं देखा. वे बेहद अच्छे इंसान हैं और मानवता में भरोसा रखते हैं. मेरा उनके साथ जो रिश्ता है, उसे कहा नहीं जा सकता.

नेटवर्थ में काफी आगे थे दमानी
राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में कुल 33 शेयर थे और उनकी नेटवर्थ करीब 46.18 हजार करोड़ रुपये थी. वहीं, दमानी के पास केवल 14 ही शेयर हैं लेकिन उनकी नेटवर्थ करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये है. वैल्यू के हिसाब से दमानी की सबसे अधिक होल्डिंग एवेन्यू सुपरमार्ट्स में है जिसके 1.72 लाख करोड़ रुपये के शेयर उनके पास हैं जबकि झुनझुनवाला की सबसे अधिक टाइटन में हिस्सेदारी थी.

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