'बाजार पर कोरोना की दूसरी लहर का असर ज्यादा समय तक नहीं रहेगा, निवेशकों को हो सकता है मोटा मुनाफा'

राकेश झुनझुनवाला

राकेश झुनझुनवाला

बाजार का अनुमान है कि कोरोना की दूसरी लहर का असर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा. एक बार वैक्सीनेशन प्रोग्राम के पूरी तरह गति में आने के साथ ही कोरोना से जुड़ी चिंता काफी कम हो जाएगी.

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  • Last Updated: April 23, 2021, 3:05 PM IST
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नई दिल्ली. दिग्गज निवेश राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर पर नजर गड़ाए हुए हैं. बाजार का अनुमान है कि कोरोना की दूसरी लहर का असर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा. एक बार वैक्सीनेशन प्रोग्राम के पूरी तरह गति में आने के साथ ही कोरोना से जुड़ी चिंता काफी कम हो जाएगी. Big bull Rakesh Jhunjhunwala ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ने भारत के पहले से कमजोर हेल्थ केयर सिस्टम पर काफी गहरा आघात किया है. पूरे देश में हॉस्पिटल, बेड्स, मेडिकल ऑक्सीन और दवाइयों की कमी हो गई है. महाराष्ट्र जैसे राज्य कोरोना हमले से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. सरकारें लॉकडाउन जैसी स्थितियों के लिए मजबूर हुई हैं. जिससे भारत की इकोनॉमिक रिकवरी को लेकर एक बार फिर चिंता पैदा हो गई है. इस चिंता के कारण ही बाजार में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है.

कोरोनो की दूसरी लहर छोटी अवधि की समस्या

CNBC TV-18 को दिए गए इंटरव्यू में राकेश झुनझुनवाला ने आगे कहा कि हम कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ब्रिटेन और फ्रांस में उत्पन्न हुई स्थितियों की स्थिति में पहुंच रहे हैं. वहां भी कोरोना की दूसरी लहर बहुत बड़ा संकट लेकर आई थी. भारत में कोरोनो की दूसरी लहर को बाजार छोटी अवधि की समस्या के रूप में देख रहा है.

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बाजार में और गिरावट नहीं होगी

राकेश ने इस बातचीत में आगे कहा कि अगर बाजार यह निष्कर्ष निकालता है कि एक दिन में 2.5 लाख केस कोरोना का पीक है तो फिर बाजार में और गिरावट नहीं होगी. उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना की समस्या शहरी इलाकों से ज्यादा जुड़ी हुई है. करीब 80 फीसदी मामले शहरी इलाकों से आ रहे हैं. मेरा मानना है कि देश का ग्रामीण हिस्सा कोरोना की दूसरी लहर से बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं होगा.उन्होंने ये भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण के लिए बुनियादी सुविधा जुटाने में कुछ समय लगेगा. जून तक शहरी भारत का एक बड़ा हिस्सा टीकाकरण के दायरे में आ जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि जून तक देश में हार्ड इम्युनिटी भी डेवलप हो जाएगी. इस समय तक करीब देश की 60 फीसदी आबादी को टीका लगाया जा चुकेगा.



2020 निवेश के लिहाज से शानदार साल रहा

बिग बुल ने इस बातचीत में आगे कहा कि मार्च 2020 निवेश करने के लिए उनकी जिंदगी का अब तक का सबसे शानदार मौका था. जनवरी 2020 से मार्च 2020 के दौरान बाजार में करीब 40 फीसदी की गिरावट आई थी. टाटा मोटर्स मार्च 2020 में 80 रुपये प्रति शेयर पर उपलब्ध था. जबकि इसका मार्केट कैप 30 हाजर करोड़ रुपये था.सितंबर 2016 में यह शेयर 600 रुपये प्रति शेयर पर था. वहीं जनवरी 2020 में इसका भाव 200 रुपये के आसपास था. मैंने इस मौके का फायाद उठाते हुए मार्च 2020 में टाटा मोटर्स में खरीदारी की जिसका मुझे जोरदार फायदा मिला है.
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