रतन टाटा ने 18 साल के इस लड़के के बिजनेस में लगाया पैसा, जानिए क्या काम करती है कंपनी

रतन टाटा ने 18 साल के इस लड़के के बिजनेस में लगाया पैसा, जानिए क्या काम करती है कंपनी
रतन टाटा ने फार्मा स्टार्टअप में किया बड़ा निवेश

रतन टाटा (Ratan Tata) ने एक फार्मास्युटिकल स्टार्टअप जेनरिक आधार (Generic Aadhaar) में निवेश किया है. जेनरिक आधार के फाउंडर और सीईओ अर्जुन देशपांडे हैं और वह केवल 18 साल के हैं. उन्होंने ये कंपनी सिर्फ दो साल पहले शुरू की थी.

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नई दिल्ली. इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा (Ratan Tata) ने एक फार्मास्युटिकल स्टार्टअप जेनरिक आधार (Generic Aadhaar) में निवेश किया है. जेनरिक आधार के फाउंडर और सीईओ अर्जुन देशपांडे हैं और वह केवल 18 साल के हैं. उन्होंने ये कंपनी सिर्फ दो साल पहले शुरू की थी. जेनरिक आधार दवा का खुदरा कारोबार करती है. वह मैन्युफैक्चरर्स से दवा लेती है और रिटेलर्स को बेचती है. रतन टाटा ने इस स्टार्टअप में कितना निवेश किया, इसको लेकर फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है.

बिजनेस मॉड्यूल
कंपनी दवा का खुदरा कारोबार करती है. वह मैन्युफैक्चरर्स से दवा लेती है और फार्मा रिटेलर्स को बेचती है. इससे 16-20 फीसदी होलसेलर मार्जिन खत्म हो जाती है. जेनरिक आधार ने मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और ओडिशा के 30 फार्मा कंपनियों से साझेदारी की है. फिलहाल, इस कंपनी का सालाना रेवेन्यू 6 करोड़ रुपये है और अगले तीन सालों में इसे 150-200 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है.

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कंपनी का कहना है कि आने वाले दिनों में वह गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, नई दिल्ली, गोवा और राजस्थान जैसे राज्यों में 1000 फार्मेसी के साथ पार्टनरशिप करेगी और सस्ती दवा बेचेगी. जेनरिक आधार अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर को तकनीक के जरिए मदद करेगी. कंपनी में 55 कर्मचारी हैं जिसमें फार्मासिस्ट, आईटी इंजीनियर और मार्केटिंग प्रोफेशनल्स हैं.



अर्जुन देशपांडे का कहना है कि उनका यूनिक बिजनेस मॉडल बाजार में मौजूद सभी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित होगा और हमारा लक्ष्य लाखों परिवारों को सस्ती हेल्थकेयर उपलब्ध कराना है. हमारा मिशन बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को जरूरत की दवाई कम से कम कीमत में उपलब्ध करना है.
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