सफल होने के लिए याद रखें Ratan Tata की ये 6 बातें! मोटी कमाई के साथ ही आप बनेंगे सबके चहेते

रतन टाटा

रतन टाटा

Success Tips: अगर आप अपना कारोबार शुरू कर रहे या पहले से बिजनेस में हैं, लेकिन तरक्की की राह देख रहे हैं तो आपके लिए बिजनेसमैन रतन टाटा (Ratan Tata)की बातें मददगार साबित हो सकता है.

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नई दिल्ली. आजकल हर कोई पैसा कमाना (Earning money) चाहता है, सफल होना (Successful) चाहता है, लेकिन उसे पाने के लिए उस रास्ते पर चलना कम ही लोग चाहते हैं. अगर आप अपना कारोबार शुरू कर रहे या पहले से बिजनेस में हैं, लेकिन तरक्की की राह देख रहे हैं तो आपके लिए बिजनेसमैन रतन टाटा (Ratan Tata)की बातें मददगार साबित हो सकता है. दिग्गज उद्योगपति और टाटा सन्स के चेयरमैन रतन टाटा ने देश के कई सफल स्टार्टअप्स में बड़े पैमाने पर निवेश किया है. हालांकि वे खुद को ऐक्सिडेंटल इन्वेस्टर मानते हैं, लेकिन उन्होंने जिस भी स्टार्टअप में निवेश किया, ज्यादातर कंपनियां सफल रहीं और आज उनका कारोबार अरबों में है. आइए जानते हैं उनके मुताबिक, किसी भी कंपनी को स्टार्ट करने के लिए क्या प्रमुख बातें ध्यान में रखनी चाहिए...

1. इनोवेशन पर हो जोर

रतत टाटा का मानना है कि उन स्टार्टअप्स का भविष्य शानदार है, जिन्होंने नए प्रयोग किए हैं. इसलिए इनोवेशन करते रहना चाहिए. टाटा स्टार्टअप के लिए इनोवेशन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं.

2. वैल्यू पर फोकस
टाटा ग्रुप की बात की जाय तो हर कोई जानता है कि इस ग्रुप की वैल्यू काफी हाई है. ऐसे में रतन टाटा उम्मीद करते हैं कि स्टार्टअप भी वैल्यू फैक्टर को प्रमुखता दें. रातोंरात फरार जैसी घटना के वे सख्त खिलाफ हैं.

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3. प्रमोटर्स का ऐटिट्यूड हो पॉजिटिव



रतन टाटा के मुताबिक, स्टार्टअप के प्रमोटर्स का ऐटिट्यूड कैसा है, वह किस आइडिया के साथ आए हैं और इसके सल्यूशंस को लेकर उनकी सोच के आधार पर काम करते हैं. टाटा के मुताबिक, वे नई कंपनी में निवेश करना पसंद करते हैं. खासकर नए आइडियाज वाले स्टार्टअप में.

4. कोई राइट टाइम नहीं

अक्टूबर 2019 में एक इंटरव्यू में रतन टाटा ने कहा था कि स्टार्टअप के लिए ग्लोबल होने के लिए राइट टाइम जैसा कुछ नहीं होता है. यह जिम्मेदारी और समझ फाउंडर की होती है कि कब उन्हें अपना वैश्विक विस्तार करना है. साथ ही रतन टाटा ने कहा था कि मैं यह भी देखता हूं कि प्रमोटर्स कितने मच्योर हैं और अपनी नई कंपनी को लेकर वे कितना गंभीर हैं.

5. काम को दें तरजीह

ऐसे भारत के कई औद्योगिक घरानों के साथ होता है कि वे उद्योग के साथ-साथ राजनीति में भी दिलचस्पी लेने लगते हैं. लेकिन टाटा ग्रुप और खास तौर से रतन टाटा इन चीजों से हमेशा बचते रहे हैं. उन्होंने हमेशा अपने जीवन में काम को ही सबकुछ समझा. सबसे पहले काम ही तरजीह दी है.

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6. दूसरों को दें सम्मान

रतन टाटा को निजी तौर पर जानने वालों का कहना है कि वे हमेशा ही शांत और सौम्य बने रहते हैं. वे अपनी कंपनी के छोटे से छोटे कर्मचारी तक से बड़े प्यार से मिलते हैं.

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