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PMC Bank मामले में डिपॉजिटर्स को जल्द मिल सकती है राहत! जानिए कैसे

News18Hindi
Updated: November 18, 2019, 10:54 PM IST
PMC Bank मामले में डिपॉजिटर्स को जल्द मिल सकती है राहत! जानिए कैसे
पीएमसी बैंक

पीएमसी बैंक (PMC Bank) मामले में डिपॉजिटर्स (Depositor) के पैसे रिकवर करने के लिए सोमवार को RBI, ED और मुंबई पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग (EOW) की बैठक हुई.

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  • Last Updated: November 18, 2019, 10:54 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग (EOW) और पीएमसी बैंक (PMC Bank) के प्रशासन ने एक खास को-ऑर्डिनेशन टीम बनाया है. इस टीम को बनाने का मकसद है कि पीएमसी बैंक मामले निपटारा जल्द किया जाए. इस संबंध में आज आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das), ED निदेशक संजय कुमार मिश्रा, मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बारवे, पीएमसी बैंक के जेबी भोरिया ने आरबीआई हेडक्वार्टर पर आज बैठक की.

4,355 करोड़ रुपये का है पीएमसी बैंक मामला
पीएमसी बैंक का मामला तब सामने आया था जब रियल्टर HDIL द्वारा बैंक को 4,355 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने के बारे में पता चला था. इस मामले के सामने आने के बाद RBI ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पीएमसी बैंक पर कई तरह का प्रतिबंध लगा दिया था.

HDIL ने पीएमसी बैंक से नियामकीय सीमाओं (Regulatory Limits) से अधिक का कर्ज लिया था. इस स्कैम के सामने आने के बाद से ही मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से लेकर फ्रॉड तक के मामले सामने आए हैं.

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HDIL संपत्तियों की ब्रि​की पर विचार
अब​ डिपॉजिटर्स का पैसे लौटाने के दृष्टिकोण से आरबीआई (RBI) अब HDIL के संपत्तियों को बेचने पर विचार कर रहा है. मनीकंट्रोल ने सूत्रों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है. इन संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अपनी जांच के दौरान जब्त किया था.

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3,830 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
कोर्ट से मंजूरी लेने के बाद RBI ने पीएमसी बैंक प्रशासन को SARFAESI एक्ट के तहत संपत्तियां बेचने का निर्देश जारी कर सकता है. प्रवर्तन निदेशालय ने HDIL की 3,830 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया है, जिसमें मुंबई के वसाई और पालघर में जमीन, अलीबाग में लग्जरी बंग्ला और कई लग्जरी कार शामिल हैं.

मुंबई पुलिसी की इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग (Economic Offence Wing) ने भी सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं. सूत्रों के मुताबिक, कुल जब्त की गई संपत्तियां फ्रॉड के अमाउंट से भी अधिक हो सकती हैं.

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नीलामी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी
आरबीआई ने ईडी और इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग को इन संपत्तियों को​ डिफ्रीज करने का अनुरोध किया है, ताकि नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा सके. सूत्रों ने यह भी बताया है कि इस संबंध में इकोनॉमिक ऑफेन्स विंग ने पहले ही कोर्ट में एनओसी (No Objection Certificate) स​बमिट कर दिया है.


संपत्तियों की ब्रिकी में लग सकता है समय
इस रिपोर्ट में एक अन्य सूत्र के हवाले से लिखा है कि ईडी को बिक्री प्रक्रिया से कोई ऐतराज नहीं है. लेकिन, वह पीएमएलए एक्ट (Prevention of Money Laundering Act) के तहत कानूनी सलाह के बाद ही कोई कदम उठाएगा. वहीं, एक तीसरे सूत्र ने बताया कि इन संपत्तियों की बिक्री में समय लग सकता है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अहमदाबाद की एक रियल एस्टेट कंपनी HDIL की संपत्ति खरीदने के बारे में रुचि दिखा रही है.


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First published: November 18, 2019, 9:22 PM IST
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