• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • RBI ने नंदन नीलेकणि को बनाया डिजिटल पेमेंट कमिटी का चेयरमैन, अब करेंगे ये काम

RBI ने नंदन नीलेकणि को बनाया डिजिटल पेमेंट कमिटी का चेयरमैन, अब करेंगे ये काम

नंदन नीलेकणि को देश में आधार के सफल क्रियान्वयन के लिए जाना जाता है (फाइल फोटो)

नंदन नीलेकणि को देश में आधार के सफल क्रियान्वयन के लिए जाना जाता है (फाइल फोटो)

RBI ने डिजिटल पेमेंट को बेहतर तरीके से देश में लागू करने और बढ़ाने के लिए नई कमेटी बनाई है. इस कमिटी का चेयरमैन नंदन नीलेकणि को नियुक्त किया गया है.

  • Share this:
    RBI ने डिजिटल पेमेंट को बेहतर तरीके से देश में लागू करने और बढ़ाने के  लिए नई कमेटी बनाई है. इस कमिटी का चेयरमैन नंदन नीलेकणि को नियुक्त किया गया है. कमिटी को अपनी रिपोर्ट 90 दिन में सौंपनी है. आपको बता दें कि नंदन निलेकणि इंफोसिस के को-फाउंडर हैं. साथ ही, उन्होंने देश में आधार को आगे बढ़ाने में अहम रोल अदा किया है.

    क्या करेगी कमिटी- इस 5 सदस्यों वाली कमेटी का नंदन नीलेकणि को हेड बनाया गया है. कमेटी में सीआईआईई के चीफ इनोवेशन ऑफिसर संजय जैन, विजया बैंक के पूर्व सीईओ किशोर सांसी, मिनिस्ट्री ऑफ इन्फोरमेशन के पूर्व मुख्य सचिव अरुणा शर्मा को शामिल किया गया है. (ये भी पढ़ें-UDAN स्कीम: पहली इंटरनेशनल फ्लाइट गुवाहाटी से संभव, जानिए कितनी मिलेगी सब्सिडी)

    यह कमेटी देश में डिजिटल पेमेंट को बेहतर बनाने और तेजी से आगे बढ़ाने के अलावा ग्राहकों के पैसों को सेफ रखने के लिए रेग्युलेटर द्वारा उठाए जाने कदमों पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

     



    कौन है नंदन नीलकेणि- नंदन नीलेकणि का जन्म के 2 जुलाई 1955 को कर्नाटक में हुआ था. उनकी मां का नाम दुर्गा और पिता का नाम मनोहर नीलेकणि था. उनकी शुरुआती पढ़ाई बेंगलुरू में ही हुई, जबकि आईआईटी की पढ़ाई उन्होंने आईआईटी मुंबई से की है. इसी दौरान उनकी मुलाकात रोहिणी नीलेकणि से हुई, जिसके बाद उन दोनों ने शादी की. नंदन नीलेकणि के दो बच्चे हैं. उनके पिता मैसूर मिरवा मिल्स में जनरल मैनेजर के पद पर काम करते थे. शुरुआत के दिनों में नीलेकणि को काफी संघर्ष करना पड़ा. (ये भी पढ़ें-नहीं करनी पड़ेगी नौकरी, अब कचरा बेचकर कर सकेंगे अच्छी कमाई)

    नंदन नीलेकणि के नाम पर सबसे बड़ी कामयाबी आधार कार्ड की है. देश के हर नागरिक को एक विशिष्ठ पहचान संख्या या यूनिक आइडेंटीफिकेशन नंबर प्रदान करने की भारत सरकार के योजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया. उनकी उपलब्धि के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2006 में विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया है. इसके अलावा उन्हों टोरंटो यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट ऑफ लॉ की उपाधि मिली है. दुनिया की जानीमानी पत्रिका टाइम मैगजीन ने नीलेकणि को दुनिया के 100 ऐसे लोगों में शामिल किया, जो सबसे ज्यादा प्रेरणादायक थे. 2006 के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में नीलेकणि सबसे युवा उद्यमी थे, जो दुनिया 20 टॉप ग्लोबल लीडर्स में शामिल हुए थे.

    1982 में इंफोसिस की संस्थापना करने वाले नीलेकणि मार्च 2002 से जून 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक के तौर पर काम करते रहे और फिर उन्हें कंपनी बोर्ड का सह अध्यक्ष नियुक्त किया गया. 2007 में उनकी सैलरी 203.545 अमेरिकी डॉलर थी. उन्हें कई सम्मान से सम्मानित किया गया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज