RBI को मिला चौथा डिप्टी गवर्नर, टी रविशंकर ने संभाली कमान, जानें आखिर कौन है ये शख्स

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

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टी रविशंकर को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का डिप्टी गवर्नर बनाया गया है. इनकी नियुक्ति तीन वर्ष या उनकी रिटायरमेंट की तिथि में जो भी पहले होगा, तब तक के लिए की गयी है.

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नई दिल्ली: टी रविशंकर (T Rabi Sankar) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का डिप्टी गवर्नर बनाया गया है. वह केंद्रीय बैंक की अनुषंगी कंपनी इंडियन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड एलाइड सर्विसेज के चेयरमैन थे. रविशंकर आरबीआई के चार डिप्टी गवर्न स्तर के अधिकारियों में एक होंगे. बीपी कानूनगो के दो अपैल को सेवानिवृत्त होने के बाद से डिप्टी गवर्नर का चौथा पद खाली था. कानूनगो एक साल सेवा विस्तार के बार सेवानिवृत्त हुए.

केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने शनिवार को रविशंकर की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी. वह कानूनगो के विभाग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं जो फिनटेक, सूचना प्रौद्योगिकी, भुगतान प्रणाली और लोखिम निगरानी के प्रभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उनकी नियुक्ति तीन वर्ष या उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि में जो भी पहले होगा, तब तक के लिए की गयी है.

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कौन-कौन है इस समय डिप्टी गवर्नर
आरबीआई के अन्य तीन डिप्टी गवर्नर में माइकल डी पात्रा, मुकेश जैन और राजेश्चर राव शामिल हैं. रविशंकर सितंबर 1990 में आरबीआई में अनुसंधान अधिकारी के रूप में नियुक्त किए गए थे. उन्होंने बीएचयू से विज्ञान एवं सांख्यिकी में स्नात्कोत्तर स्तर की पढ़ाई की है. वह इंस्टिट्यूट ऑफ इकोनामिक ग्रोथ से विकास योजना का डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी किए हुए हैं.

3 साल के लिए होगी नियुक्ति

उनकी नियुक्ति तीन वर्ष या उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि में जो भी पहले होगा, तब तक के लिए की गयी है. आरबीआई के अन्य तीन डिप्टी गवर्नर में माइकल डी पात्रा, मुकेश जैन और राजेश्चर राव शामिल हैं. माइकल पात्रा मॉनिटरी पॉलिसी डिपार्टमेंट के हेड हैं.



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पिछले साल भी बनाए गए थे इस कंपनी के चेयरमैन

वह पिछले साल इंडियन फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड एलाइड सर्विसेज के चेयरमैन बनाए गए थे. इससे पहले वह अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक के साथ भी भारत सरकार की ओर से काम कर चुके हैं.
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