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‘रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में नगदी की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने का आश्वासन दिया’

सांकेतिक तस्वीर
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एफएसडीसी की मंगलवार को हुई बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के साथ साथ चारों डिप्टी गवर्नर ने भाग लिया.

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वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई वित्तीय स्थायित्व एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के सामने इस समय नगद धन की तंगी के मुद्दे पर चर्चा की गई. सूत्रों ने जानकारी दी कि रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में कर्ज के लिए पर्याप्त मात्रा में धन उपब्ध बनाए रखने का आश्वासन दिया.

एफएसडीसी में रिजर्व बैंक के गवर्नर, सेबी के चेयरमैन तथा पेंशन और बीमा क्षेत्र की विनियामक संस्थाओं के अध्यक्ष शामिल हैं. वित्त मंत्री की अध्यक्षता में इस परिषद में दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के चेयरमैन को भी रखा गया है.

सूत्रों ने बैठक के बाद बताया, रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बैठक में कहा कि एनबीएफसी के लिए नगद धन कमी उतनी गंभीर नहीं है जैसा कि बताया जा रहा है. हालांकि उन्होंने सरकार को आश्वासन दिया कि प्रणाली में उपयुक्त मात्रा में नगदी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा.



एफएसडीसी की यह बैठक रिजर्व बैंक की स्वायत्तता का मुद्दा उठने के बाद उपजे माहौल में हो रही है जिसमें वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक गवर्नर दोनों ने भाग लिया. गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने पिछले सप्ताह के अंत में रिजर्व बैंक के कामकाज में स्वायत्तता का मुद्दा उठाया था.
एफएसडीसी की मंगलवार को हुई बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के साथ साथ चारों डिप्टी गवर्नर ने भाग लिया.

सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक गवर्नर ने सरकार को सूचित किया है कि कुछ क्षेत्रों को छोड़कर प्रणाली में किसी तरह का कोई नगदी संकट नहीं है. गवर्नर ने कहा कि केन्द्रीय बैंक वित्तीय क्षेत्र पर नजदीकी से नजर रखे हुए हैं.

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