RBI के खजाने से सरकार को जल्द मिल सकते हैं लाखों करोड़ रुपये

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बोर्ड बैठक में सोमवार को आरबीआई के सरप्लस रिजर्व (RBI Surplus Cash Reserves) पर फैसला हो सकता है.

News18Hindi
Updated: August 26, 2019, 12:26 PM IST
RBI के खजाने से सरकार को जल्द मिल सकते हैं लाखों करोड़ रुपये
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बोर्ड बैठक में सोमवार को आरबीआई के सरप्लस रिजर्व (RBI Surplus Cash Reserves) पर फैसला हो सकता है.
News18Hindi
Updated: August 26, 2019, 12:26 PM IST
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सोमवार को होने वाली बोर्ड मीटिंग में आरबीआई के सरप्लस रिजर्व (RBI Surplus Cash Reserves) पर फैसला हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिमल जालान (Bimal Jalan committees recommendations) की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में आरबीआई के सरप्लस कैश रिजर्व के ट्रांसफर का समर्थन किया है, लेकिन इसे किस्तों में सरकार को देने के लिए कहा है. आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले शुक्रवार की शाम बैंकों को तुरंत 70,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. ऐसे में माना जा रहा है कि आज की बैठक में आरबीआई के कैश रिजर्व के ट्रांसफर पर मुहर लग सकती है.

RBI की अहम बोर्ड बैठक आज- बिमल जलान कमेटी का गठन यह सुझाने के लिए किया गया है कि आरबीआई के पास कितना रिजर्व होना चाहिए और उसे केंद्र सरकार को कितना लाभांश देना चाहिए.

ये भी पढ़ें-1 सितंबर से बदल जाएंगे आपकी जेब से जुड़े ये नियम!

सरकार को कितना पैसै मिलेगा- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है कि आरबीआई के सरप्लस रिजर्व का कितना हिस्सा केंद्र सरकार को ट्रांसफर किया जाएगा, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि कॉन्टिजेंसी फंड, करेंसी तथा गोल्ड रवैल्यूएशन अकाउंट को मिलाकर आरबीआई के पास 9.2 लाख करोड़ रुपये का रिजर्व है, जो केंद्रीय बैंक के टोटल बैलेंस शीट साइज का 25 फीसदी है.



सरकार आरबीआई के 25 फीसदी के सरप्लस रिजर्व को घटाकर 14 फीसदी के वैश्विक मानदंड पर लाना चाहती है, जिसके लिए आरबीआई को 5 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 2.4 फीसदी) केंद्र को जारी करना होगा, लेकिन वास्तविक आंकड़ा कम हो सकता है.

कब तक मिलेगा पैसा- RBI अपने सरप्लस कैश को चरणबद्ध तरीके से 3 से 5 साल में सरकार को ट्रांसफर करेगा.
Loading...

सरकार आरबीआई के 25 फीसदी के सरप्लस रिजर्व को घटाकर 14 फीसदी के वैश्विक मानदंड पर लाना चाहती है. (फाइल फोटो)


बिमल जालान की अध्यक्षता वाले 6 सदस्यीय इस पैनल का गठन खासतौर पर यह तय करने के लिए किया गया था कि RBI को कितना पैसा सरकार को देना चाहिए.इस पैनल का गठन 26 दिसंबर 2018 को हुआ था.

सरकार क्या करेगी इस पैसे का- आरबीआई द्वारा सरप्लस ट्रांसफर से केंद्र सरकार को सार्वजनिक कर्ज चुकाने तथा बैंकों में पूंजी डालने में मदद मिलेगी.

>> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही सरकारी बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डालने की घोषणा कर चुकी हैं, जिससे बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये आने की उम्मीद है.

>> सरकार ने बजट में रिजर्व बैंक के लिए 90,000 करोड़ का डिविडेंड प्रस्तावित किया था जबकि पिछले वित्त वर्ष में RBI ने डिविडेंड के तौर पर 68,000 करोड़ चुकाए थे.

कमेटी में कौन-कौन था शामिल- रिजर्व बैंक की इस समिति के अहम सदस्यों में RBI के फॉर्मर डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन को वाइस चेयरमैन बनाया गया था.

ये भी पढ़ें-पुश्तैनी सोना बेचने से पहले जान लें टैक्स देनदारी!

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बोर्ड बैठक में सोमवार को आरबीआई के सरप्लस रिजर्व पर फैसला हो सकता है


>> समिति में वित्त सचिव राजीव कुमार, RBI के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन और RBI के सेंट्रल बोर्ड के दो मेंबर भरत दोशी और सुधीर मनकड़ भी हैं. रिजर्व बैंक का रिजर्व आदर्श तौर पर कितना होना चाहिए,

>> इसके बारे में बताने के लिए इससे पहले तीन समितियां बन चुकी हैं. 1997 में वी सुब्रह्मण्यम, 2004 में ऊषा थोराट और 2013 में वाय एच मालेगाम की अगुआई वाली समिति बनाई गई थी.

इसी फंड से शुरू हुए मतभेद पर उर्जित पटेल ने दिया था इस्तीफा-  RBI और सरकार के बीच इसी फंड पर मतभेद काफी बढ़ गया था. वास्तव में वित्त मंत्रालय चाहता है कि केंद्रीय बैंक बेहतर वैश्विक गतिविधियों का पालन करे और सरकार को सरप्लस ट्रांसफर करे. उसी के बाद रिजर्व बैंक ने इस पर विचार के लिए समिति गठित की.

>> आरबीआई के पास 9.6 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस है. इसी मतभेद के बाद उर्जित पटेल ने RBI के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था.

>> उसके बाद शक्तिकांत दास नए गवर्नर नियुक्त किए गए थे. RBI और सरकार के बीच मतभेद होने के बाद ही पैनल का गठन किया गया था.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 26, 2019, 9:36 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...