RBI ने एक साल में खरीदा 8.46 मीट्रिक टन सोना! जानिए क्यों

अगला चरण 5 नवंबर को खुलेगा और 9 नवंबर को बंद होगा. उसके बाद यह 24 दिसंबर को आएगा और 28 दिसंबर को बंद होगा. चौथा और पांचवां चरण क्रमश: 14 से 18 जनवरी और 4 से 8 फरवरी को खुलेगा. चालू वित्त वर्ष में सरकारी स्वर्ण बांड योजना का पहला चरण 16 अप्रैल को खुला था.
अगला चरण 5 नवंबर को खुलेगा और 9 नवंबर को बंद होगा. उसके बाद यह 24 दिसंबर को आएगा और 28 दिसंबर को बंद होगा. चौथा और पांचवां चरण क्रमश: 14 से 18 जनवरी और 4 से 8 फरवरी को खुलेगा. चालू वित्त वर्ष में सरकारी स्वर्ण बांड योजना का पहला चरण 16 अप्रैल को खुला था.

आरबीआई ने लगभग 10 साल में पहली बार सोना खरीदा है. RBI के ऐसा करने से ये बात साफ दिखाई दे रही है कि आने वाले दिनों में सोने की मांग बढ़ने से इसके दामों में तेजी देखी जा सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2018, 12:25 PM IST
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आरबीआई ने लगभग 10 साल में पहली बार सोना खरीदा है. RBI के ऐसा करने से ये बात साफ दिखाई दे रही है कि आने वाले दिनों में सोने की मांग बढ़ने से इसके दामों में तेजी देखी जा सकती है. दरअसल ब्याज दरों में वृद्धि से नियमित आय वाले बॉन्ड के रिटर्न में नरमी आ रही है. अंग्रेजी के अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 30 जून को खत्म हुए वित्त वर्ष 2017-18 में आरबीआई ने 8.46 मीट्रिक टन सोना खरीदा है. रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उसके सोने का रिजर्व 566.23 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. इससे पहले आरबीआई ने नवंबर 2009 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 200 मेट्रिक टन सोना खरीदा था.

आरबीआई ने खरीदा सोना
पिछले 9 साल से भी अधिक समय से रिजर्व बैंक का सोने का रिजर्व 556.75 मीट्रिक टन था. आरबीआई की ओर से आईएमएफ को दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2017 के बाद से सोने की खरीदारी शुरू की. 30 जून 2018 के आंकड़ों के अनुसार, रिजर्व बैंक का सोने का रिजर्व 566.23 मीट्रिक टन था. आरबीआई द्वारा सोने की खरीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आरबीआई एक्ट के तहत इसकी इजाजत होने के बावजूद, वह सोने की ज्यादा खरीदारी नहीं करता.

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भारतीय मुद्रा भंडार को मिलेगी मजबूती 
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ब्याज दरें बढ़ने के दौर में सोने की खरीद से भारतीय मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी. अमेरिकी राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल से जून के दौरान करीब 10 अरब डॉलर की सिक्योरिटीज की बिक्री की है. एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि हो सकता है कि आरबीआई ने एसेट्स की विविधता के लिए भी सोने की खरीदारी की होगी. साथ ही वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ रही है. बाजारों में अस्थिरता है. ब्याज दरों में लगातार वृद्धि हो रही है. बढ़ती यील्ड के चलते आईबीआई का बॉन्ड पोर्टफोलियो गड़बड़ा सकता है. आईएमएफ को सौंपी गई जानकारी के अनुसार, रिजर्व बैंक के पास 405 अरब डॉलर मूल्य का रिजर्व है, जिसमें से 245 अरब डॉलर का रिजर्व बॉन्ड के रूप में है.

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बेचे थे 4000 करोड़ के गोल्ड बांड 
कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि रिजर्व बैंक ने यह रकम गोल्ड बॉन्ड स्कीमों को भुनाए जाने के मद्देनजर भी खरीदी हो सकती है. इसके तरह करीब 4,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे गए थे. भारतीय रिजर्व बैंक को मौजूदा कीमतों पर तीन से आठ साल तक के बॉन्ड्स को भुनाना होगा. इसके साथ ही उसे अपने पास पार्याप्त मात्रा में सोना रखना होगा, ताकि किसी भी जोखिम से निपटा जा सके.

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