RBI ने 3 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों का लाइसेंस रद्द किया, जानिए इसकी वजह

नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) देश के बैंक (Bank) और बाजार से पैसा उधार लेकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र में छोटा व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कर्ज उपलब्ध कराती है. NBFC की ब्याज दर (Rate of interest) बैंक की अपेक्षा थोड़ी ज्यादा होती है.

नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) देश के बैंक (Bank) और बाजार से पैसा उधार लेकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र में छोटा व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कर्ज उपलब्ध कराती है. NBFC की ब्याज दर (Rate of interest) बैंक की अपेक्षा थोड़ी ज्यादा होती है.

नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) देश के बैंक (Bank) और बाजार से पैसा उधार लेकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र में छोटा व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कर्ज उपलब्ध कराती है. NBFC की ब्याज दर (Rate of interest) बैंक की अपेक्षा थोड़ी ज्यादा होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 1:40 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) का लाइसेंस रद्द कर दिया है. वहीं 6 अन्य NBFC ने आरबीआई के सामने अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है. आपको बता दें इससे पहले भी आरबीआई कई NBFC का लाइसेंस बिजनेस नहीं करने की वजह से रद्द कर चुकी है. इसके साथ ही कुछ NBFC ने व्यवसाय न होने की वजह से अपना लाइसेंस सरेंडर किया था. आइए जानते है कौन-कौन सी NBFC का लाइसेंस रद्द किया गया है और किसने सरेंडर किया है. 

क्या काम होता है NBFC का- नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) देश के बैंक और बाजार से पैसा उधार लेकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र में छोटा व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कर्ज उपलब्ध कराती है. आपको बता दें NBFC की ब्याज दर बैंक की अपेक्षा थोड़ी ज्यादा होती है. लेकिन NBFC से कर्ज लेने के लिए लोगों को ज्यादा कागजी कार्रवाई नहीं करनी होती. ऐसे में ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आसानी से कर्ज मिल जाता है. 

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कौन सी NBFC का हुआ लाइसेंस रद्द- आरबीआई ने 3 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) का लाइसेंस रद्द कर दिया. आरबीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक इन एनबीएफसी का लाइसेंस आरबीआई एक्ट-1934 की धारा 45-I के सेक्शन-ए के नियमों के अनुसार काम नहीं करने पर रद्द किया गया है. जिसमें उत्तर प्रदेश की Abhinav Hire Purchase, गुरुग्राम की Jupiter Management Services और असम की NE Leasing and Finance शामिल है. 
किन NBFC ने लाइसेंस किया सरेंडर- 6 एनबीएफसी ने खुद अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है. यह कंपनियां भी आरबीआई एक्ट-1934 के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रही थीं. जिसमें नोएडा की Raghukul Trading, वाराणसी की  Divya Tie-Up, नई दिल्ली की Girnar Investment, अंधेरी (मुंबई)  Choice International, जयपुर की Devyani Infrastructure and Credits और गुवहाटी की JK Builders and Property Developers ने अपना लाइसेंस आरबीआई के सामने सरेंडर कर दिया है.

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कोरोना महामारी बनी बड़ी वजह- जानकारों का कहना है कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ने की वजह से एनबीएफसी को काम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल बाजार में कर्ज की मांग न होने के वजह से एनबीएफसी का व्यवसाय पिछले काफी दिनों से एकदम सुस्त पड़ा हुआ था. जिसके चलते आरबीआई ने 3 एनबीएफसी का लाइसेंस रद्द कर दिया और 6 एनबीएफसी ने खुद अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया.
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