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इस बैंक का कैंसिल हुआ लाइसेंस, ग्राहक नहीं निकाल पाएंगे पैसा, कहीं आपका तो नहीं इसमें अकाउंट?

इस बैंक का कैंसिल हुआ लाइसेंस, ग्राहक नहीं निकाल पाएंगे पैसा, कहीं आपका तो नहीं इसमें अकाउंट?

बैंक को अब से 6 सप्‍ताह बाद अपना कारोबार बंद करना होगा.

बैंक को अब से 6 सप्‍ताह बाद अपना कारोबार बंद करना होगा.

रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि पुणे स्थित रुपया को-ऑपेरेटिव बैंक (Rupee Co-operative Bank) को अगर बैंकिंग कारोबार आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाती है तो वह जनहित में नहीं होगा. बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है.

हाइलाइट्स

बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है. वह अपने जमाकर्ताओं का पूरा पैसा नहीं लौटा सकता.
आरबीआई ने कहा है कि बैंक को कारोबार आगे बढ़ाने की अनुमति देना जनहित में नहीं होगा.
ग्राहकों को उनके जमा का अधिकतम 5 लाख रुपये तक ही वापस मिलेगा.

नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्‍ट्र के पुणे स्थित रुपया को-ऑपेरेटिव बैंक (Rupee Co-operative Bank) का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है. रिजव बैंक के इस कदम से बैंक के ग्राहकों का जमा पैसा बैंक में अटक गया है क्‍योंकि रिजर्व बैंक का कहना है कि बैंक अपने सभी डिपॉजिटर्स का पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं है. बैंक को अब से 6 सप्‍ताह बाद अपना कारोबार बंद करना होगा.

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि मुंबई हाई कोर्ट के 12 सितंबर 2017 के आदेश का पालन करते हुए रुपया को-ऑपेरेटिव बैंक लिमिटेड पुणे का लाइसेंस रद्द कर दिया है. यह आदेश आज से छह सप्ताह के बाद यानी 22 सितंबर 2022 से लागू होगा. रिजर्व बैंक ने कहा कि अगर रुपया को-ऑपेरेटिव बैंक को अपने बैंकिंग कारोबार को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाती तो वह जनहित में नहीं होगा. बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. वह अपने जमाकर्ताओं का पूरा पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं है.

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6 हफ्तों में बंद हो जाएगा बैंक
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार,आरबीआई ने कहा कि बैंक आज से छह सप्ताह के बाद बैंकिंग कारोबार करना बंद कर देगा. आरबीआई ने कहा कि बैंक को बैंकिंग के कारोबार यानी ऑपरेशन से प्रतिबंधित किया जाएगा. प्रतिबंध लागू होने के बाद बैंक न तो ग्राहकों से पैसे जमा करा सकेगा और न ही उन्‍हें पैसे दे सकेगा.

लिक्विडेटर होगा नियुक्‍त
आरबीआई ने कहा है कि सहकारिता आयुक्त और महाराष्ट्र में सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करने को कहा गया है. बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं. यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ धारा 11(1) और धारा 22 (3)(डी) के प्रावधानों के मुताबिक सही नहीं है. बैंक धारा 22(3) (ए), 22 (3) (बी), 22 (3) (सी), 22 (3) (डी) और 22 (3) (ई) की शर्तों का पालन करने में विफल रहा है.

ग्राहकों को मिलेगा बस पांच लाख वापस
ग्राहकों को उनके जमा का अधिकतम 5 लाख रुपये तक ही वापस मिलेगा. आरबीआई ने कहा कि बैंक के दिये डेटा के अनुसार 99% से अधिक जमाकर्ता DICGC अपनी जमा राशि को पाने के हकदार हैं.

Tags: Bank news, Banking, RBI

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