RBI का तोहफा! रेपो रेट में हुई 0.35% की कटौती, कम होगी आपकी EMI

देश के सेंट्रल बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने आम आदमी और कंपनियों को बड़ा तोहफा देते हुए रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है. रेपो रेट 0.35 फीसदी कम होकर 5.40 फीसदी पर आ गई हैं.

News18Hindi
Updated: August 7, 2019, 12:29 PM IST
RBI का तोहफा! रेपो रेट में हुई 0.35% की कटौती, कम होगी आपकी EMI
रेपो रेट में हुआ ये बदलाव
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Updated: August 7, 2019, 12:29 PM IST
देश के सेंट्रल बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने आम आदमी और कंपनियों को बड़ा तोहफा देते हुए रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है. रेपो रेट 0.35 फीसदी कम होकर 5.40 फीसदी पर आ गई हैं. यह लगातार चौथा मौका है जब ब्याज दर घटाई गई हैं. पिछली तीन बैठकों में भी MPC रेपो रेट में चौथाई-चौथाई फीसदी की कटौती कर चुकी है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी ग्रोथ लक्ष्य भी घटाया है.

ब्याज दरें (रेपो रेट) घटाने का मतलब है कि अब बैंक जब भी आरबीआई से फंड (पैसे) लेंगे, उन्हें नई दर पर फंड मिलेगा. सस्ती दर पर बैंकों को मिलने वाले फंड का फायदा बैंक अपने उपभोक्ता को भी देंगे. यह राहत आपके साथ सस्ते कर्ज और कम हुई ईएमआई के तौर पर बांटी जाती है. इसी वजह से जब भी रेपो रेट घटता है तो आपके लिए कर्ज लेना सस्ता हो जाता है. साथ ही जो कर्ज फ्लोटिंग हैं उनकी ईएमआई भी घट जाती है.

क्यों घटाईं ब्याज दरें- आरबीआई ने महंगाई में नरमी को देखते हुए पॉलिसी रेट्स में 0.35 फीसदी की कटौती की है. इसके बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी हो गई है. ऐसा होने पर आम लोगों के लिए बैंक से कर्ज लेना सस्ता होने और EMI घटने की उम्मीद बढ़ गई है.



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MPC का ब्याज दरों पर नरम रुख बरकरार
MPC के 6 सदस्यों में से 4 MPC सदस्य 0.35 फीसदी कटौती के पक्ष में थे. वहीं 2 सदस्य 0.25 फीसदी की कटौती चाहते थे. MPC का पॉलिसी पर ACCOMMODATIVE रुख बरकरार रखा है. MPC ने ब्याज दरों पर नरम रुख कायम रखा है.
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FY20 में जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान
रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में ग्रोथ का अनुमान 7.4 फीसदी दिया है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2020 के लिए GDP ग्रोथ लक्ष्य 7 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी किया है. रिजर्व बैंक के अनुसार वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही में 5.8-6.6 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है. जबकि दूसरी छमाही में 7.3-7.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है. वहीं, इस दौरान रिटेल महंगाई अनुमान 3.6 फीसदी रखा है. अक्टूबर से मार्च तिमाही में रिटेल महंगाई 3.5-3.7 फीसदी रहने का अनुमान है.



रिटेल महंगाई का अनुमान घटाया
वहीं इस अवधि में खुदरा महंगाई 3.6 फीसदी रह सकती है जबकि अक्टूबर-मार्च में खुदरा महंगाई के 3.5 से 3.7 फीसदी रहने का अनुमान है.

रेपो रेट कम होने से कैसे होगा आपका फायदा

(1) जिन ग्राहकों के लोन एमसीएलआर से जुड़े हैं, उनकी ईएमआई का बोझ कम होगा. इसके लिए जरूरी है कि बैंक एसीएलआर में कटौती करे. हालांकि, फायदा तभी से शुरू होगा जब लोन की रीसेट डेट आएगी. अमूमन बैंक छह महीने या सालभर के रीसेट पीरियड के साथ होम लोन की पेशकश करते हैं. रीसेट डेट आने पर भविष्य की ईएमआई उस समय की ब्याज दरों पर निर्भर करेंगी.

(2) जिन ग्राहकों के लोन अब भी बेस रेट या बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (बीपीएलआर) से जुड़े हैं, उन्हें अपने होम लोन को एमसीएलआर आधारित व्यवस्था में स्विच कराने पर विचार करना चाहिए. कारण है कि नई व्यवस्था में पारदर्शिता अधिक है. इनमें पॉलिसी रेट में कटौती का असर तुरंत दिखता है.

(3) नए ग्राहक नए होम लोन ग्राहक एमसीएलआर व्यवस्था में लोन ले सकते हैं. उनके पास एक्सटर्नल बेंचमार्क व्यवस्था का मूल्यांकन करने का भी विकल्प है. इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा. इस तरह की व्यवस्था पर दिशानिर्देश आने बाकी हैं.

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First published: August 7, 2019, 12:02 PM IST
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