1 अप्रैल से लागू नहीं होंगे ऑटो डेबिट के नए नियम, RBI ने 30 सितंबर तक बढ़ाई डेडलाइन

अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी.

अक्टूबर 2016 में सालाना मुद्रास्फीति 31 मार्च, 2021 तक 4 प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी गई थी.

एक अप्रैल से पहले की तरह मोबाइल बिल (Mobile Bill) या किसी भी यूटिलिटी बिल (Utility Bill) का पेमेंट ऑटोमैटिक हो पाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 5:53 PM IST
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नई दिल्ली. अगर आपने भी मोबाइल बिल (Mobile Bill) या किसी भी यूटिलिटी बिल (Utility Bill) के पेमेंट के लिए ऑटो डेबिट (Recurring Auto Debit Payments) की सुविधा ले रखी है तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, आरबीआई (RBI) ने वेरिफिकेशन के लिए अतिरिक्त उपाय यानी एएफए (Additional Factor Authentication) को अनिवार्य तौर पर लागू करने की डेडलाइन 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दी है.

1 अप्रैल 2021 से लागू होने वाले थे नए नियम

आरबीआई ने 4 दिसंबर को आरआरबी, एनबीएफसी और पेमेंट सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म समेत सभी बैंकों को निर्देश दिया था कि कार्ड या पीपीआई या यूपीआई का उपयोग कर ऑटो बिल पेमेंट की व्यवस्था में अगर एएफए का अनुपालन नहीं हो रहा है, तो वह व्यवस्था 31 मार्च, 2021 से जारी नहीं रहेगी. हालांकि बैंक और पेमेंट सुविधा प्रदान करने वाले प्लेटफॉर्म ऑटो डेबिट को लेकर आरबीआई के निर्देश के अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय मांग रहे थे.


क्या है RBI के नए नियम का मकसद

आरबीआई ने रिस्क कम करने के उपायों के तहत इस कदम की घोषणा की जिसका मकसद कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन को मजबूत और सुरक्षित बनाना है. अगर इस एडिशन फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) का अनुपालन नहीं किया गया, तो संबंधित यूनिट्स को बिजली समेत अन्य ग्राहक केंद्रित सेवाओं, ओटीटी समेत अन्य बिलों के पेमेंट में 30 सितंबर के बाद असर पड़ सकता है.

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हाल ही में आरबीआई ने संपर्क रहित कार्ड के जरिए पेमेंट और कार्ड तथा यूपीआई के जरिए ऑटो पेमेंट की सीमा एक जनवरी से 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दी. इस पहल का मकसद डिजिटल लेन-देन को सुगम और सुरक्षित बनाना है. नए दिशानिर्देश के तहत 5 हजार रुपये से अधिक के पेमेंट के लिये बैंकों को ग्राहकों को वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजना होगा.
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