गिरते रुपये को संभालने की कोशिशों में जुटी वित्त मंत्रालय, RBI से की बात

रुपये में गिरावट चौतरफा नहीं है. भारतीय मुद्रा ब्रिटेन के पौंड, यूरो, चीन के युआन और जापानी येन के समक्ष मजबूत हुई है.

भाषा
Updated: September 10, 2018, 11:28 PM IST
गिरते रुपये को संभालने की कोशिशों में जुटी वित्त मंत्रालय, RBI से की बात
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: September 10, 2018, 11:28 PM IST
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार गिरते रुपये को थामने के लिए बाजार हस्तक्षेप को लेकर वित्त मंत्रालय बराबर रिजर्व बैंक के साथ संपर्क बनाए हुए है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 72.45 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गिर चुका है. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

भारतीय रिजर्व बैंक गिरते रुपये को थामने के लिये बाजार में लगातार डॉलर बेच रहा है. यही वजह है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार जो कि अप्रैल में 426 अरब डालर पर था, अगस्त अंत तक गिरता हुआ 400.10 अरब डॉलर रह गया.

अधिकारी का कहना है कि रिजर्व बैंक के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है. वित्त मंत्रालय इस मामले में सही समय पर बाजार हस्तक्षेप के लिए केंद्रीय बैंक के साथ संपर्क बनाए हुए है.

हालांकि, अधिकारी ने कहा कि रुपये में गिरावट चौतरफा नहीं है. भारतीय मुद्रा ब्रिटेन के पौंड, यूरो, चीन के युआन और जापानी येन के समक्ष मजबूत हुई है.

अधिकारी ने कहा कि सरकार के पास विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए प्रवासी भारतीयों को बॉन्ड जारी करने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इस बारे में जरूरी विचार-विमर्श के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा.

अधिकारी ने कहा, ‘फिलहाल घबराहट वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि ज्यादातर वैश्विक मुद्राएं डॉलर की मजबूती से प्रभावित हुई हैं. बल्कि, यहां तो रुपया कई अन्य मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है.’

चालू खाते का घाटा यानी कैड अप्रैल से जून तिमाही के दौरान जीडीपी के समक्ष 18 अरब डालर यानी 2.4 प्रतिशत पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा के कुल अंतर्प्रवाह और बहिप्रर्वाह के बीच के अंतर को कैड कहा जाता है.

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