RBI ने ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनियों के रेगुलेशन की बनाई कमेटी, जानिए क्या करेगी काम

वित्त मंत्री ने बजट में इस समिति का ऐलान किया था.

वित्त मंत्री ने बजट में इस समिति का ऐलान किया था.

रिजर्व बैंक की यह समिति अपनी पहली बैठक होने बाद 3 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय बैंक को सौंप देगी. यह समिति ARCs पर लागू कानून और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की समीक्षा करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 10:06 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) के रेगुलेशन की समीक्षा के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. RBI के पूर्व एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर सुदर्शन सेन (Sudarshan Sen) की अध्यक्षता में  यह कमेटी स्ट्रेस्ड लोन के निपटारे (stressed debt resolution) में ARCs द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका और उनके बिजनेस मॉडल को रिव्यू करेगी. यह समिति अपनी पहली बैठक होने बाद उसके 3 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट RBI को सौंप देगी. यह समिति ARCs पर लागू कानून और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की समीक्षा करेगी. साथ ही ARCs की क्षमता को बढ़ाने की सलाह देगी और इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (Insolvency & Bankruptcy Code) के तहत स्ट्रेस्ड लोन के रेजोल्यूशन में उनकी भूमिका की समीक्षा करेगी.



ये हाेंगे टीम के अन्य मेंबर्स



ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनियों के रेगुलेशन की समीक्षा के लिए बनाई गई इस कमेटी में सुदर्शन सेन के अलावा ICICI Bank के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर विशाखा मुले (Vishakha Mulye), SBI के पूर्व डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पीएन प्रसाद (P N Prasad), MDI में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर रोहित प्रसाद (Rohit Prasad), अरनेस्ट एंड येग के पार्टनर अबिजेर दीवानजी (Abizer Diwanji) और चार्टर्ड अकाउंटेंट आर आनंद (R Anand) शामिल हैं. 



ये भी पढ़ें - पहले चिप और अब इस चीज की कमी ने ग्लाेबल ऑटाे मेकर्स के माथे पर खीची चिंता की लकीर






वित्त मंत्री ने बजट में किया था ऐलान   





मालूम हाे देश के बैंकिंग सिस्टम में फंसे कर्ज (NPAs) की समस्या पिछले कई साल से लगातार बनी हुई है. जिसे लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस बारे में एक रिपोर्ट भी जारी की थीजिसके बाद मोदी सरकार (Modi Government) ने एनपीए का निपटारा कर बैंकों का बोझ कम करने की तैयारी कर ली है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में प्राइवेट Asset Reconstruction Company (ARC) बनाने का ऐलान किया था.



सितंबर 2021 तक 13.5 फीसदी बढ़ जाएगा एनपीए



आरबीआई ने अपनी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में बढ़ते एनपीए को लेकर चेतावनी दी थी. आरबीआई की इस रिपोर्ट में कहा गया था कि सितंबर 2021 तक बैंकों का एनपीए सितंबर 2020 के 7.5 फीसदी से बढ़कर 13.5 फीसदी तक पहुंच जाएगा. बेहद खराब स्थिति में यह सितंबर 2021 तक 14.8 फीसदी तक भी जा सकता है, जो पिछले दो दशक का सबसे ऊंचा स्तर होगा



ये भी पढ़ें - ऐपल अपने iPhone 14 में दे सकता है अब तक का सबसे बड़ा 48 मेगापिक्सल का कैमरा, मिलेगी 8K रिकॉर्डिंग







क्या काम करता है ARC



आपको बता दें कि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और लेंडर्स अपने स्ट्रेस्ड यानी डूबे हुए ऐसेट्स ARCs को डिस्काउंट पर बेच देते हैं. लेंडर्स कैश या सिक्योरिटी डिपोजिट लेकर ARCs को स्ट्रेस्ड ऐसेट बेचते हैं. इन रिसिप्ट्स को तब रीडिम किया जा सकता है जब ARCs उस लोन को रिकवर कर लेते हैं. 


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज