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RBI गवर्नर ने कहा- ​आर्थिक रिफॉर्म्स जारी रखे सरकार, AGR मामले पर हमारी भी नजर

News18Hindi
Updated: February 17, 2020, 7:28 PM IST
RBI गवर्नर ने कहा- ​आर्थिक रिफॉर्म्स जारी रखे सरकार, AGR मामले पर हमारी भी नजर
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा कि सरकार को आर्थिक रिफॉर्म जारी रखने होंगे. साथ ही, उन्होंने AGR मामले पर भी कहा कि स्थिति पर केंद्रीय बैंक की नजर है.

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  • Last Updated: February 17, 2020, 7:28 PM IST
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नई दिल्ली. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि सरकार ने संरचनात्मक सुधारों को लेकर जो कदम उठाये हैं, मांग को पटरी पर लाने और अर्थव्यवस्था की मदद के लिये उसे जारी रखे जाने की जरूरत है. उन्होंने सरकार के अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर उठाये गये कदमों के बीच यह बात कही. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में शुरूआती तेजी के संकेत हैं और देश को मौजूदा नरमी से बाहर निकालने के लिये उसे बनाये रखने की जरूरत है. दास ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि चीन में कोरोना वायरस के प्रभाव पर हर नीति निर्माता को करीब से नजर रखने की जरूरत है ताकि उसके अनुसार उपयुक्त कदम उठाये जा सके.

खपत बढ़ाने के अनुकूल आर्थिक माहौल
आरबीआई गर्वनर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने 2020-21 के बजट और हाल के कदमों से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के जरिये मांग को पटरी पर लाने और खपत बढ़ाने का एक अनुकूल आर्थिक माहौल बना है. अब यह जरूरी है कि भूमि और श्रम सुधारों को आगे बढ़ाया जाए, कृषि विपणन में कार्य कुशलता लायी जाए तथा तथा कौशल विकास पर जोर हो.


बैंको का NPA बढ़ा, कंपनियों पर कर्ज का बोझ
उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 2019 की शुरूआत में आर्थिक वृद्धि में आने वाली नरमी को महसूस किया था और मुद्रास्फीति में नरमी से जो गुंजाइश बनी थी, उसका उपयोग लगातार पांच बार नीतिगत दर में कटौती करने में किया गया. दास ने अर्थव्यवस्था में नरमी के कारणों के बारे में कहा कि कमजोर मांग के साथ वैश्विक व्यापार और व्यवसाय में अनिश्चितता से काराखानों में क्षमता का उपयोग कम हो रहा है. इसके अलावा एक तरफ बैंकों तथा कंपनियों दोनों जगह बढ़ती गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) या फंसा कर्ज तथा दूसरी तरफ कंपनियों पर भारी कर्ज से यह स्थिति बनी है.

वित्त मंत्री ने लोकसभा में बताया था ग्रीन शूट्स के बारे में
पिछले सप्ताह ही लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने ग्रीन शूट्स का जिक्र करते हुए कहा था कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, फैक्ट्री उत्पादन, और पिछले तीन महीनों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का GST कलेक्शन इस बात को दर्शाता है कि भारतीय ​अर्थव्यवस्था में अब रिकवरी देखने को मिल रही है. उन्होंने कहा, 'वर्तमान में 7 ऐसे महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स हैं, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी देखने को मिल रही है. अर्थव्यवस्था संकट के दौर से नहीं गुजर रही है.'

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वित्त मंत्री ने कहा था कि फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व अपने उच्चतम स्तर पर है और स्टॉक मार्केट में भी तेजी देखने को मिल रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस चार ग्रोथ इंजन पर है, जिसमें प्राइवेट इन्वेस्टमेंट, निर्यात और प्राइवेट व पब्लिक कंज्म्पशन शामिल है.



टेलीकॉम कंपनियों की स्थिति पर RBI की नजर
टेलीकॉम कंपनियों पर करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये के एजीआर बकाये को लेकर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस मामले पर रिजर्व बैंक की पैनी नजर है. RBI इस बात पर ध्यान दे रही है कि कोई कंपनी डिफॉल्टर न हो जाए, जिससे उधारकर्ताओं पर असर पड़े. दास ने कहा कि RBI फिलहाल कोई कदम नहीं उठा रहा, लेकिन स्थिति पर उसकी नजर है.




पिछले सप्ताह ही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि टेलीकॉम कंपनियां अगली सुनवाई से पहले अपना बकाया चुका दें. इस दौरान कोर्ट ने टेलीकॉम विभाग को भी फटकार लगाई थी. इन टेलीकॉम कंपनियों का स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज और लाइसेंस फीस के तौर पर टेलीकॉम विभाग पर करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया है.

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First published: February 17, 2020, 6:30 PM IST
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