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कोरोना: RBI ने एक दशक बाद ब्याज दरों में की सबसे बड़ी कटौती, किए 5 बड़े ऐलान

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Updated: March 27, 2020, 12:25 PM IST
कोरोना: RBI ने एक दशक बाद ब्याज दरों में की सबसे बड़ी कटौती, किए 5 बड़े ऐलान
CRR में 1 फीसदी की कटौती

MPC ने 4:2 के अनुपात में रेट कटौती का फैसला किया है. आरबीआई गवर्नर ने ऐसे समय में इस फैसले का ऐलान किया है, जब COVID-19 की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति है. लॉकडाउन की वजह से सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां रुक गई हैं

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  • Last Updated: March 27, 2020, 12:25 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) संकट के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की कटौती की है. इससे रेपो रेट (Repo Rate) 0.75 फीसदी घटकर 4.40 फीसदी हो गया है. इसके अलावा, रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) में 0.90 फीसदी कटौती की गई है. इससे रिवर्स रेपो रेट घटकर 4 फीसदी हो गया. MPC ने 4:2 के अनुपात में रेट कटौती का फैसला किया है. आरबीआइ गवर्नर ने ऐसे समय में इस फैसले का ऐलान किया है, जब COVID-19 की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति है. लॉकडाउन की वजह से सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां रुक गई हैं.

एक दशक बाद सबसे बड़ी कटौती
ब्याज दरों में एक दशक बाद सबसे बड़ी कटौती हुई है. इससे पहले आरबीआई ने अक्टूबर 2008 और जनवरी 2009 में रेपो रेट में 100 बेसिस प्वाइंट्स यानी 1 फीसदी कटौती की थी. वहीं 27 मार्च 2020 को आरबीआई ने ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की कटौती की है.

(1) CRR में 1 फीसदी की कटौती-RBI ने सभी बैंकों के लिए अनिवार्य कैश रिवर्स रेश्यो (CRR) को 4 फीसदी से घटाकर 3 फीसद करने का निर्णय किया है. बैंकों के पास अधिक नकदी सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ यह निर्णय किया गया है. यह फैसला 28 मार्च से शुरू हो रहे पखवाड़े से लागू होगा.



RBI ने बैंकों को CRR सीमा में एक साल के लिए राहत देने का ऐलान किया है. सीआरआर में 100 बीपीएस की कटौती से बाजार में 1.37 लाख करोड़ रुपये आएंगे.

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(2) नए सिस्टम में आएंगे 3.74 लाख करोड़ रुपये-आरबीआई गवर्नर ने कहा, इस कदम से सिस्टम में 3.74 लाख करोड़ रुपये आएंगे. आरबीआई नीति दर से जुड़ी फ्लोटिंग दर पर 1 लाख करोड़ रुपये तक के तीन साल के लिए लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (LTRO) की नीलामी आयोजित करेगा.

लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन एक ऐसा टूल है, जिसके तहत रिज़र्व बैंक मौजूदा रेपो रेट (Repo Rate) पर बैंकों को 1 से 3 साल के लिए पूंजी देता है. इसके बदले बैंक समान ब्याज दर पर कोलेटरल के तौर पर सरकारी सिक्योरिटीज खरीदते हैं.

(3) टर्म लोन पर 3 महीने का मोरोटोरियम-आरबीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी टर्म लोन पर 3 महीने का मोरोटोरियम लगा दिया है. ऐसे में डिफॉल्ट होने की स्थिति में कर्जदार की क्रेडिट हिस्ट्री में नहीं दिखेगी. उधार देने वाली कंपनियों, बैंकों को कार्यशील पूंजी पुनर्भुगतान पर तीन महीने के लिए ब्याज में छूट दी जाएगी.

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(4) नेट फंडिंग रेश्यो नियम-इसके साथ ही नेट फंडिंग रेश्यो नियम को 6 महीने के लिए टाला जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम में पिछले MPC से अबतक 2.8 लाख करोड़ रुपये डाले गए हैं. भारतीय बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत है. बैंक ग्राहकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. सुरक्षित रहिए और डिजिटल को बढ़ावा दीजिए.

(5) बैंकों में भारतीयों के पैसे सुरक्षित- आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंकों में जमा सभी भारतीयों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं. उन्होंने देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है. बैंक ग्राहकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. सुरक्षित रहिए और डिजिटल को बढ़ावा दीजिए.

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First published: March 27, 2020, 10:42 AM IST
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