सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर अब RBI क्या कर रहा है? गवर्नर शक्तिकांत दास ने दी इसकी पूरी जानकारी

सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर अब RBI क्या कर रहा है? गवर्नर शक्तिकांत दास ने दी इसकी पूरी जानकारी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर शक्तिकांत दास

सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर RBI गवर्नर शशिकांत दास ने CNBC-आवाज़ पर दिए एक इंटरव्यू में बताया कि पब्लिक सेक्टर बैंक को प्राइवेट करने का फैसला सरकार ही लेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 22, 2020, 12:12 PM IST
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नई दिल्ली. इन दिनों कई सरकारी बैंकों के निजीकरण की बातें तेजी से हो रही हैं. जिसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही कई सरकारी बैंकों को प्राइवेट करने की तैयारी कर रही है. इन खबरों के बीच बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikant Das) ने CNBC-आवाज़ पर दिए एक इंटरव्यू में बताया कि पब्लिक सेक्टर बैंक को प्राइवेट करने का फैसला सरकार ही लेगी. लेकिन अगर सरकार राय मांगती है तो RBI जरुर अपनी राय देगा. RBI गवर्नर ने कहा कि कुछ लोगों का मानना है, देश में क्रेडिट टू जीडीपी रेशो बहुत कम जिसे बढ़ाने की जरूरत है. भारत में ज्यादा बैंक बनाए जाने के लिए फिट एंड प्रोपर क्राइटेरिया का होना भी बहुत जरुरी है.

इंटरनल वर्किंग ग्रुप की रिपोर्ट का इंतजार
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बैंक बाकी एरिया की तरह नहीं है, बैंक डिपोजिटर के पैसे पर बिजनेस करता है. उन्होंने आगे कहा कि हमने अभी एक इंटरनल वर्किंग ग्रुप बनाया है. किसी भी कोरपोरेट को बैंक बनाने या चलाने की अनुमति इंटरनल वर्किंग ग्रुप की रिपोर्ट आने बाद ही दी जाएगी. जिसकी रिपोर्ट सितंबर माह के अंत तक आएगी.

पूर्व डिप्टी गवर्नर ने कहा सरकार से अलग हो संचालन
आपको बता दें कि रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने मंगलवार को कहा कि सरकारी क्षेत्र के बैंकों का संचालन सरकार के हाथ से अलग करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले बैंकों के लिये एक होल्डिंग कंपनी बनाई जानी चाहिये. उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों के लिये एक होल्डिंग कंपनी का ढांचा जरूरी है. विश्वनाथन रिजर्व बैंक में डिप्टी गवर्नर रहते हुये बैंकिंग नियमनों के प्रमुख रहे हैं.



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VIDEO में देखिए सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर RBI गवर्नर ने क्या कहा?


उन्होंने कहा कि सबसे पहली जरूरत है कि बैंकों का शासन- प्रशासन सरकार के हाथों से अलग किया जाना चाहिये. उन्होंने कहा कि बैंक राष्ट्रीयकरण कानून के तहत जो सरकार के हाथों में अधिकार हैं उन्हें समाप्त किया जाना चाहिये. बैंकों के लिये एक होल्डिंग कंपनी का ढांचा बनाया जाना जरूरी है. विश्वनाथन यहां एसपी जैन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एण्ड रिसर्च द्वारा आयोजित संगाष्ठी में बोल रहे थे.
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