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मंदी की खबरों के बीच RBI गवर्नर बोले-खड़ी हो सकती हैं चुनौतियां, बैंक रहें तैयार

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 11:19 PM IST
मंदी की खबरों के बीच RBI गवर्नर बोले-खड़ी हो सकती हैं चुनौतियां, बैंक रहें तैयार
प्रशासनिक अधिकारी से केंद्रीय बैंक के मुखिया बने दास ने 12 जनवरी 2018 को कार्यभार संभाला था.

रिजर्व बैंक (Reserve bank of India) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikantha Das) की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जबकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि वर्ष की दूसरी तिमाही में छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 11:19 PM IST
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मुंबई. रिजर्व बैंक (Reserve bank of India) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने बुधवार को बैंकों से कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियां उनके समक्ष कुछ चुनौतियां खड़ी कर सकती है, इसलिए बैंकों को पूरी मुस्तैदी के साथ इनका मुकाबला करने के लिये तैयार रहना चाहिए. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Bank) के प्रमुखों के साथ बातचीत में दास ने इस बात पर भी गौर किया कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार आ रहा है और यह मजबूत बना हुआ है.

रिजर्व बैंक गवर्नर (Reserve bank Governor) की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जबकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि वर्ष की दूसरी तिमाही में छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है. रिजर्व बैंक ने इसे देखते हुये चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी कम करके पांच प्रतिशत कर दिया. रिजर्व बैंक की विज्ञप्ति में कहा गया, ‘गवर्नर ने इस बात पर गौर किया है कि बैंकिंग क्षेत्र में कुछ सुधार आया है और मौजूदा आर्थिक स्थिति में कुछ चुनौतियां खड़ी होने की आशंका के बावजूद क्षेत्र में मजबूती बनी हुई है. उन्होंने बैंकों से कहा कि वह उभरती चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये पूरी तरह से मुस्तैद रहें. इस मामले में उन्होंने खासतौर से दबाव वाली संपत्तियों के समाधान में समन्वित तरीके से काम करने को कहा.’

दास (Shaktikanta Das) ने इस दौरान बैंक प्रमुखों के साथ मौद्रिक नीति दर में की गई कटौती का लाभ आखिरी लाभार्थी तक पहुंचाने पर भी विचार विमर्श किया. यहां यह गौर करने की बात है कि रिजर्व बैंक ने इस साल पांच द्विमासिक समीक्षाओं में कुल मिलाकर 1.35 प्रतिशत कटौती की है, हालांकि केन्द्रीय बैंक ने गत सप्ताह की गई समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया.

आरबीआई ने एक तरफ जहां आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए अब तक पांच बार नीतिगत दर में कटौती की वहीं कर्ज के ब्याज को रेपो से बाह्य दरों से जोड़े जाने जैसे सुधारों को भी आगे बढ़ाया है. प्रशासनिक अधिकारी से केंद्रीय बैंक के मुखिया बने दास ने 12 जनवरी 2018 को कार्यभार संभाला. आरबीआई की स्वायत्तता पर बहस के बीच गवर्नर डॉ उर्जित पटेल के अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद इस पर पर दास को लाया गया.

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First published: December 11, 2019, 11:11 PM IST
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