आरबीआई ने कहा- खत्म नहीं हुए हैं हमारे तरकश के तीर, ब्याज दरों में कटौती जारी रहने के दिए संकेत

आरबीआई ने कहा- खत्म नहीं हुए हैं हमारे तरकश के तीर, ब्याज दरों में कटौती जारी रहने के दिए संकेत
Covid-19 के खिलाफ लड़ाई में हमारे हथियार खत्म नहीं हुए

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, कोविड-19 महामारी के प्रकोप और अन्य पहलुओं पर एक बार स्पष्टता होने के बाद आरबीआई मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि पर अपने पूर्वानुमान देना शुरू कर देगा. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण सही दिशा में एक कदम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 1:55 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि देश का बैंकिंग सिस्टम कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के दौरान लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है. आरबीआई गवर्नर ने कहा, चाहे दर में कटौती हो या फिर अन्य नीतिगत कदम, हमारे हथियार अभी खत्म नहीं हुए हैं. बता दें कि आरबीआई ने छह अगस्त को जारी नीतिगत समीक्षा में रेपो रेट्स (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया था. केंद्रीय बैंक इससे पहले पिछली दो बैठकों में नीतिगत दर में 1.15 प्रतिशत की कटौती कर चुका है.

RBI गवर्नर ने रेट कट के दिए संकेत
RBI ने ब्याज दरों में आगे और कटौती के संकेत देते हुए गुरुवार को कहा है कि कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए किए गए उपायों को जल्द नहीं हटाया जाएगा. उन्होंने कहा कि महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा. केंद्रीय बैंक द्वारा पिछले दिनों घोषित राहत उपायों के बारे में दास ने कहा, 'किसी भी तरह से यह नहीं मानना चाहिए कि आरबीआई उपायों को जल्द हटा लेगा.

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दास ने कहा, कोविड-19 महामारी के प्रकोप और अन्य पहलुओं पर एक बार स्पष्टता होने के बाद आरबीआई मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि पर अपने पूर्वानुमान देना शुरू कर देगा. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण सही दिशा में एक कदम है. दास ने कहा, 'बैंकों का आकार जरूरी है, लेकिन दक्षता इससे भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, बैंक तनाव का सामना करेंगे, यह जाहिर सी बात है, लेकिन अधिक महत्वपूर्ण यह है कि बैंक चुनौतियों के समक्ष किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं और उसका सामना करते हैं.
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