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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कौन से रोजमर्रा सामान की कीमतें मार्च तक हो सकती हैं कम

News18Hindi
Updated: February 6, 2020, 1:08 PM IST
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कौन से रोजमर्रा सामान की कीमतें मार्च तक हो सकती हैं कम
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा हैं कि प्याज की कीमतों में कमी हैं. जनवरी-मार्च तिमाही में दामों के और गिरने का अनुमान हैं. लेकिन दाल, दूध की बढ़ी कीमतों आगे भी आम आदमी की टेंशन बढ़ाती रहेंगी.

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  • Last Updated: February 6, 2020, 1:08 PM IST
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नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) की 4 से 6 फरवरी तक चली समीक्षा बैठक के बाद ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ हैं. वहीं, पॉलिसी के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा हैं कि प्याज की कीमतों में कमी हैं. जनवरी-मार्च तिमाही में दामों के और गिरने का अनुमान हैं. लेकिन दाल, दूध की बढ़ी कीमतों आगे भी आम आदमी की टेंशन बढ़ाती रहेंगी. उन्होंने कहा, बजट में हुई इनकम टैक्स कटौती से डिमांड बढ़ सकती हैं. आरबीआई गवर्नर का मानना हैं कि छोटी अवधि में महंगाई बढ़ सकती है.

कब कम होगी महंगाई- रिजर्व बैंक ने जनवरी से मार्च तिमाही में महंगाई में हल्की बढ़ोत्तरी का अनुमान जताया है. वहीं, अप्रैल से सितंबर 2020 के बीच खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 5 से 5.4 फीसदी रहने का अनुमान है. हालांकि जनवरी में सीपीआई इनफ्लेशन क्या रह सकता है, इस पर कोई अनुमान नहीं दिया है.

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खाने-पीने की वस्तुओं के रेट ज्यादा बढ़ने की वजह से दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी पर पहुंच गई. यह साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा है.

रेपो रेट में कटौती ना होने की वजह से फिलहाल होम लोन की दरों में भी कोई राहत नहीं मिलेगी. ज्यादातर बैंकों ने होम लोन की दर को रेपो रेट से लिंक कर दिया है ताकि रेपो रेट में कमी का फायदा उन्हें जल्दी मिले. लेकिन इस बार लोन लेने वाले ग्राहकों को कोई राहत नहीं मिलेगी.

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RBI गवर्नर ने कहा- देश में आर्थिक सुस्ती दूर होने के सकेंत मिले- पिछले कुछ दिनों से आ रहे आर्थिक आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि देश की इकॉनमी अब धीर-धीरे पटरी पर लौट रही है और सुस्ती के बादल छंट रहे हैं. उन्होंने कहा-मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और सर्विस सेक्टर के ग्रोथ आंकड़ों में सुधार आया हैं. कई इकोनॉमिक इंडिकेटर्स इस बात का संकेत दे रहे हैं कि देश की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा हैं.

आपको बता दें कि देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि जनवरी में 7 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है.आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेस बिजनस ऐक्टिविटी इंडेक्स (सेवा पीएमआई) जनवरी में 55.5 अंक पर रहा है, जबकि दिसंबर में यह 53.3 अंक था. वहीं, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जनवरी में 55.3 अंक रहा है. यह 2012 से 2020 की अवधि में इसका सबसे ऊंचा स्तर है. इससे पहले दिसंबर में यह 52.7 अंक था.

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First published: February 6, 2020, 12:33 PM IST
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