घरेलू अर्थव्यवस्था की गति पड़ रही धीमी, निराशा छोड़, अवसरों को देखें- RBI गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर (Governor) शक्तिकांत दास ने माना कि इस समय घरेलू अर्थव्यवस्था (Domestic Economy) की गति धीमी पड़ रही है और इसके सामने आंतरिक और बाहरी दोनों स्तर पर कई चुनौतियां हैं.

भाषा
Updated: August 19, 2019, 4:55 PM IST
घरेलू अर्थव्यवस्था की गति पड़ रही धीमी, निराशा छोड़, अवसरों को देखें- RBI गवर्नर
अर्थव्यवस्था में अवसरों को दखें, निराशा का राग छोड़े
भाषा
Updated: August 19, 2019, 4:55 PM IST
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर (Governor) शक्तिकांत दास ने माना कि इस समय घरेलू अर्थव्यवस्था (Domestic Economy) की गति धीमी पड़ रही है और इसके सामने आंतरिक और बाहरी दोनों स्तर पर कई चुनौतियां हैं. पर उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि लोगों को निराशा के राग में सुर से सुर मिलाने की जगह आगे के अवसरों को देखना चाहिए.

बजट में उठाए गए कुछ कदमों कारोबार जगत नाखुश
शक्तिकांत दास का यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जबकि देश के कारोबार जगत के बड़े लोग हाल में बजट में उठाए गए कुछ कदमों को लेकर सरकार से नाखुश हैं. इनमें धनिकों और विदेशी पोर्टफालियो निवेशकों (FPI) पर आयकर अधिभार (Income Tax surcharge) की दर में बढ़ोतरी भी शामिल है.

13 फीसदी टूटा शेयर बाजार

आयकर अधिभार (Income Tax surcharge) बढ़ाए जाने के बाद से FPI ने शेयर/बॉन्ड बाजार में बिकवाली बढ़ा रखी है. इससे 5 जुलाई के बाद प्रमुख शेयर सूचकांक 13 फीसदी से अधिक गिर चुके हैं.

ये भी पढ़ें: SBI ने किया सावधान! दान देने वालों के खाली हो सकते हैं बैंक अकाउंट, ऐसे बचें

लोगों के मन में उत्साह नहीं
Loading...

रिजर्व बैंक के गवर्नर दास ने यहां उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बैंकिंग सम्मेलन में कहा, ‘अखबार पढ़ कर या बिजनेस टीवी चैनल को देख कर मुझे लगता है कि (लोगों के) मन में पर्याप्त उत्साह और उमंग नहीं है.’लोगों को समझना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में चुनौतियां जरूर है. कुछ क्षेत्र विशेष से जुड़े मसले हैं और अनेक वैश्विक और बाहरी चुनौतियां हैं.

उन्होंने कहा, ‘आज कुछ लोगों का मूड अस्तित्व की चिंता से भरा है तो कुछ सकारात्मक मूड में हैं. मेरा मानना है कि सोच की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. कृपया आगे के अवसरों की ओर देखिए. हम मानते हैं कि इस समय चुनौतियां और कठिनाइयां हैं. ये बाहर से भी है और अंदर से भी. लेकिन व्यक्ति को अवसरों को देखना चाहिए और उसका फायदा उठाना चाहिए.’

अर्थव्यवस्था में मूड की बड़ी भूमिका
आरबीआई प्रमुख ने कहा कि वह लोगों से यह नहीं कह रहे हैं कि वे हर हालत में चेहरे पर प्रसन्नता का भाव रखें और हर कठिनाई को हंस कर भुला दें. लेकिन वास्तविक अर्थव्यवस्था में मूड की बड़ी भूमिका होती है. चुनौतियों के बाजूद अर्थव्यवस्था में बहुत से अवसर मौजूद हैं.

ये भी पढ़ें: सावधान! कहीं आप तो नहीं लगा रहे हैं इस कंपनी की स्कीम में पैसा, सरकार ने किया अलर्ट

दास ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र, व्यावसायिक समुदाय, नीति नियंताओं और हम विनियामकों को मिल कर चुनौतियों का सामना करना चाहिए और भविष्य को अधिक आत्मविश्वास से देखना चाहिए.

GDP ग्रोथ घटाया
गौरतलब है कि आरबीआई (RBI) ने अपनी पिछली नीतिगत समीक्षा बैठक के समय चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को सात फीसदी से घटा कर 6.9 फीसदी कर दिया है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 19, 2019, 4:55 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...