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आर्थिक तेजी लाने के लिए RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने बताए ये उपाय

भाषा
Updated: January 24, 2020, 9:51 PM IST
आर्थिक तेजी लाने के लिए RBI गर्वनर शक्तिकांत दास ने बताए ये उपाय
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गर्वनर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने मुंबई में कहा कि आर्थिक सुधार के लिए मौद्रिक नीति की अपनी सीमाएं हैं. आर्थिक तेजी के लिए सरंचनात्मक और वित्तीय उपायों में भी सुधार की जरूरत.

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मुंबई. आम बजट (Budget 2020) पेश होने के एक सप्ताह पहले भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के गवर्नर शक्तिकान्त दास (Shaktikanta Das) ने शुक्रवार खपत, मांग और सकल आर्थिक वृद्धि (GDP) की गति बढ़ाने के लिये संरचनात्मक और ज्यादा वित्तीय उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया. दास ने कहा कि इन उद्देश्यों को पाने के लिए मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की अपनी सीमाएं हैं.

1 फरवरी को पेश होगा बजट
नरेंद्र मोदी सरकार अगले शनिवार यानी एक फरवरी को अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करने जा रही है. आम बजट ऐसे समय पेश किया जा रहा है जबकि सरकार के अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की सांकेतिक वृद्धि दर घटकर 48 साल के निचले स्तर 7.5 प्रतिशत पर आ जाएगी. वहीं वास्तविक वृद्धि दर 11 साल के निचले स्तर पांच प्रतिशत पर रहने का अनुमान है.

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मौद्रिक नीति के अलावा अन्य उपायों पर भी ध्यान देने की जरूरत

दास ने सेंट स्टीफंस कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मौद्रिक नीति की अपनी सीमाएं हैं. मांग बढ़ाने और वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए संरचनात्मक सुधार और राजकोषीय उपाय जारी रहने चाहिए.’’ दास इसी कॉलेज के छात्र रहे हैं. 

4.5 फीसदी पर आ गई है वृद्धि दर
सितंबर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है. दास के इस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तिमाही दर तिमाही आधार पर वृद्धि दर नीचे आ रही है.

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चार बार में 1.35 फीसदी घट चुका है नीतिगत ब्याज दर
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में कमी के मद्देनजर केंद्रीय बैंक ने फरवरी से अक्टूबर, 2019 के दौरान चार बार नीतिगत दर को 1.35 प्रतिशत घटाकर 5.15 प्रतिशत पर ला दिया है. यह रेपो दर का नौ साल का निचला स्तर है.



 

संरचनात्मक सुधारों से अर्थव्यवस्था में आएगी तेजी
दास ने कुछ ऐसे क्षेत्रों का भी उल्लेख किया जहां संरचनात्मक सुधार जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि यदि इन सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाया जाता है तो ये वृद्धि को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं.

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राज्यों को बढ़ाना होगा निवेश
उन्होंने वैश्विक मूल्य श्रृंखला के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पर्यटन, ई-कॉमर्स और स्टार्टअप्स को प्राथमिकता देने की वकालत की. दास ने कहा कि राज्य निवेश बढ़ाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इन सब स्थितियों की वजह से रिजर्व बैंक ने फरवरी से दिसंबर के बीच अपने वृद्धि दर के अनुमान को 2.9 प्रतिशत घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है.

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First published: January 24, 2020, 9:37 PM IST
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