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RBI गवर्नर शक्तिकांत ने भी माना- उम्मीद से भी बुरे हैं GDP के आंकड़े

News18Hindi
Updated: September 16, 2019, 5:19 PM IST

भारतीय​​ रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ नंबर्स हमारे उम्मीद से भी बुरे हैं.

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  • Last Updated: September 16, 2019, 5:19 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय​​ रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा है कि हाल में आए आर्थिक ग्रोथ के आंकड़े अनुमान से कमजोर हैं. CNBC-TV18 के साथ हुई खास बातचीत में उन्होंने बताया है कि 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट उनके लिए सरप्राइज था. देश की आर्थिक ग्रोथ को बढ़ाने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए हैं. FDI (विदेश निवेश) इनफ्लो पिछले साल से बेहतर है. आरबीआई गवर्नर का कहना है कि खाद्य महंगाई दर को लेकर कोई चिंता नहीं है. दाल, सब्जियों की कीमत को लेकर भी वो चिंतित नहीं है. सिर्फ शहरों में दूध अंडे की कीमतों में तेजी. खाद्य पदार्थों को लेकर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह एक साल के लिए साइ​कलिक होता है.

जीडीपी के आंकड़े अनुमान से कमजोर- वित्त वर्ष 2020 में 6.9 फीसदी GDP लक्ष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर आरबीआई गवर्नर का कहना है किGDP के आंकड़े अनुमान से भी खराब रहे हैं. 5 फीसदी GDP आना बहुत ज्यादा हैरान करने वाला है. MPC ने इकोनॉमी में स्लोडाउन को मान लिया है.
ग्रोथ में तेजी लाना RBI की सबसे बड़ी प्राथमिकता है लेकिन अभी कोई भी डाटा बताना व्यवहारिक नहीं है.

MPC के लिए ग्रोथ अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है. लेकिन मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट अनुमान बहुत ज्यादा है. GDP के अनुमान के तरीकों को भी सुधारा जा रहा है.

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ब्याज दरों में और कटौती होगी- इससे जुड़े सवाल का जवाब देते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि अभी रेट कट पर कुछ भी नहीं कह सकता. ग्रोथ बढ़ाने में सभी अपनी भूमिका निभाएं. मॉनीटरी पॉलिसी अकेले सबकुछ नहीं कर सकती. आंकड़े आने के बाद ही रेट कट पर कुछ कहना संभव होगा. अभी रेट कट के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है.
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महंगाई के सवाल पर शक्तिकांत दास ने कहा कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेजी से चिंता नहीं है. दाल, सब्जी की कीमतें भी अभी अनुमान के मुताबिक ही है. कुछ चीजों की कीमतों में तेजी ग्रामीण आय के लिए अच्छा है. अंडे और दूध की कीमतों में तेजी सिर्फ शहरों में असर डालती है.

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कच्चे तेल में तेजी से बढ़ेगा राजकोषीय घाटा- सऊदी अरामको पर ड्रोन हमले को लेकर उन्होंने कहा कि अरामको पर हमले का असर समझने में अभी वक्त लगेगा. सऊदी तेल फील्ड पर हमले से पूरी दुनिया पर असर होगा.

अरामको का मामला अगर लंबे समय तक होता है तो इसका असर हमारे राजकोषीय घाटे पर कुछ हद तक बढ़ेगा. अरामको पर इस हमले के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव से लेकर करंसी तक पर भी असर पड़ेगा.

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First published: September 16, 2019, 4:30 PM IST
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