ATM और क्रेडिट कार्ड से होने वाले लेन-देन के लिए RBI लाया नया सिस्टम, नहीं देनी होगी अपने कार्ड की डिटेल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI Annual Report 2019) की सालाना रिपोर्ट में डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसों के लेन-देन (Debit Credit Card Translation) को सुरक्षित बनाने के लिए नए व्यवस्था की जानकारी दी है.

News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 12:15 PM IST
ATM और क्रेडिट कार्ड से होने वाले लेन-देन के लिए RBI लाया नया सिस्टम,  नहीं देनी होगी अपने कार्ड की डिटेल
RBI रिपोर्ट: अब आपके ATM और क्रेडिट कार्ड से पैसों का लेन-देने होगा ज्यादा सेफ! मिलेंगे ये 5 फायदे
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Updated: August 30, 2019, 12:15 PM IST
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI Annual Report 2019) की सालाना रिपोर्ट में डेबिट और क्रेडिट कार्ड (Debit Card) के जरिए पैसों के लेन-देन (Translation Safe) को सुरक्षित बनाने के लिए नए व्यवस्था की जानकारी दी है. नए सिस्टम के तहत अब ग्राहक के कार्ड की ओरिजनल डिटेल ( ATM Card Original Details) को एक यूनीक कोड यानी ‘टोकन’ से बदल दिया जाएगा. इस टोकन का इस्तेमाल करके ग्राहक किसी थर्ड पार्टी ऐप क्विक रेस्पांस (क्यूआर) या पॉइंट ऑफ सेल (PoS) पर कांटेक्टलेस पेमेंट के जरिए इस्तेमाल कर पाएंगे. ऐसे में आपके कार्ड से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां हमेशा सेफ रहेंगी.

आइए जानें RBI की टोकनाइजेशन पेमेंट सिस्टम के बारे में...

>> आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, टोकनाइजेशन प्रॉसेस के तहत एक यूनिक टोकन नंबर बैंक द्वारा ग्राहक को पेमेंट के वक्त दिया जाएगा. इसके बाद ग्राहक को कार्ड के ओरिजिनल नंबर के बजाए यही टोकन नंबर पेमेंट करते वक्त देना होगा. अभी यह सुविधा सिर्फ मोबाइल और टैबलेट पर ही मिलेगी. फ्यूचर में इसे आगे बढ़ाया जाएगा.

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आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, टोकनाइजेशन प्रॉसेस के तहत एक यूनिक टोकन नंबर बैंक द्वारा ग्राहक को पेमेंट के वक्त दिया जाएगा.


>> नई प्रॉसेस के बाद कोई भी मर्चेंट ग्राहक का ओरिजिनल डेबिट और क्रेडिट कार्ड नंबर नहीं मांग सकेगा. इसकी जगह 16 अंकों का डिजिटल पेमेंट अकाउंट नंबर बैंक द्वारा जारी किया जाएगा.

>> इसी नंबर का ग्राहक पेमेंट में इस्तेमाल करेगा. हर ट्रांजैक्शन में यह नंबर बदल जाएगा. ऑनलाइन शॉपिंग में यही नंबर कस्टमर को डालना होगा. हालांकि पिन डालना इसमें भी अनिवार्य होगा.
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>> रिजर्व बैंक ने कहा कि टोकन कार्ड से ट्रांजैक्शन की सुविधा फिलहाल मोबाइल फोन और टैबलेट के जरिए उपलब्ध होगी.

>> इससे प्राप्त अनुभव के आधार पर बाद में इसका विस्तार अन्य डिवाइसेज के लिए किया जाएगा. रिजर्व बैंक ने कहा है कि कार्ड के टोकनाइजेशन और टोकन व्यवस्था से हटाने का काम केवल अधिकृत कार्ड नेटवर्क द्वारा ही किया जाएगा.

ग्राहकों के लिए यह सर्विस पूरी तरह मुफ्त होगी. (फाइल फोटो)


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ग्राहकों को क्या होगा फायदा-

(1) ग्राहकों के लिए यह सर्विस पूरी तरह मुफ्त होगी. टोकन सर्विस ग्राहकों के इच्छा पर निर्भर करेगी. इसे लेने के लिए उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया जा सकेगा और न ही बैंक/कार्ड प्रदाता कंपनियों द्वारा अनिवार्य रूप से इसे लागू किया जा सकेगा.

(2) ग्राहकों के पास खुद को कॉन्टैक्टलेस, क्यूआर कोड या इन-ऐप परचेज जैसी किसी भी सर्विस के लिए रजिस्टर और डी-रजिस्टर करने का अधिकार होगा.

(3) टोकनाइज्ड कार्ड ट्रांजेक्शन के माध्यम से होने वाले लेनदेन के लिए ग्राहक हर ट्रांजेक्शन की लिमिट के साथ-साथ डेली ट्रांजेक्शन लिमिट भी तय कर सकते हैं.इसके बाद तय लिमिट से ज्यादा का लेनदेन नहीं हो सकेगा.

(4) कार्ड प्रदाता को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक जल्द से जल्द आईडेंटिफाइड डिवाइस (मोबाइल/टैबलेट) खोने की कंप्लेन दर्ज करा सके ताकि अनाधिकृत लेनदेन रोका जा सके.

(5) रिजर्व बैंक ने कहा है कि टोकन ट्रांजेक्शन सिस्टम के दौरान होने वाले सभी ट्रांजेक्शन के लिए कार्ड पेमेंट कंपनी ही जिम्मेदार होंगी. रिजर्व बैंक ने कहा है कि कार्ड के लिए टोकन सेवाएं शुरू करने से पहले अधिकृत कार्ड पेमेंट नेटवर्क को निश्चित अवधि में ऑडिट प्रणाली स्थापित करनी होगी. यह ऑडिट साल में कम से कम एक बार होनी चाहिए.



ये सुरक्षित कैसे  हैं?

>> टोकन व्यवस्था के शुरू होने के बाद कार्ड धारक अपने कार्ड की डिटेल्स किसी थर्ड पार्टी ऐप (जैसे- फूड डिलेवरी ऐप, कैब सर्विस प्रोवाइडर) के साथ शेयर नहीं करनी होगी.  पहले ऐसा करने से यूजर को कार्ड का डेटा इन वेबसाइट्स या ऐप पर सेव करना होता था, जिसके चोरी होने का डर लगा रहता है.

अधिक जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें: https://m.rbi.org.in/hindi/Scripts/FS_Notification.aspx?Id=6190&fn=9&Mode=

 

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First published: August 30, 2019, 12:06 PM IST
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