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RBI का दावा! वित्‍त वर्ष 2022 में V-Shape में बढ़ेगी अर्थव्‍यवस्‍था, कहा-V का मतलब है वैक्‍सीन

भारतीय रिज़र्व बैंक को भरोसा है कि वित्‍त वर्ष 2022 में उपभोक्‍ता खर्च तेजी से बढ़ेगा.
भारतीय रिज़र्व बैंक को भरोसा है कि वित्‍त वर्ष 2022 में उपभोक्‍ता खर्च तेजी से बढ़ेगा.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जनवरी 2021 के 'स्टेट ऑफ इकोनॉमी' (state of economy) आर्टिकल में कहा है कि महंगाई दर (Inflation) कम होने से सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) में सकारात्‍मक वृद्धि की उम्मीदें बढ़ गई हैं. अगर यह स्थिति बरकरार रहती है तो आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) की रफ्तार को सपोर्ट मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 8:31 PM IST
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नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपने बुलेटिन में दावा किया है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) सकारात्‍मक वृद्धि से चंद कदम दूर है. इंडियन इकोनॉमी में हो रही वी-शेप रिकवरी का जिक्र करते हुए आरबीआई ने कहा कि इसमें V का मतलब Vaccine है. आसान शब्‍दों में समझें तो आरबीआई ने कहा है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अब तेजी से रफ्तार पकड़ेगी. आरबीआई ने जनवरी 2021 के 'स्टेट ऑफ इकोनॉमी' (state of economy) आर्टिकल में कहा है कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया है. ये भारत की मेडिसिन क्षेत्र में ताकतवर उत्पादन क्षमता को दिखाता है.

आरबीआई ने रिपोर्ट में कहा है कि भारत को पोलियो और चेचक (measles) का सफलतापूर्वक टीकाकरण अभियान चलाने का अनुभव है. साथ ही कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक लैंडस्केप में आए हालिया बदलाव के कारण अर्थव्यवस्था का आउटलुक बेहतर हुआ है. महंगाई दर कम होने से सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) में सकारात्‍मक वृद्धि की उम्मीदें बढ़ गई हैं. अगर यह स्थिति बरकरार रहती है तो आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को सपोर्ट मिलेगा. रिपोर्ट लिखने वालों में शामिल केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने कहा कि अगर यह वैक्सीनेशन ड्राइव सफल होती है तो अर्थव्यवस्था में तेजी दिखने लगेगी.

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शेक्‍सपीयर को कोट कर लिखा, दुख का समय बीत गया
केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट में विलियम शेक्सपीयर को कोट करते हुआ लिखा गया है, 'Winter of discontent will be made glorious summer' यानी असंतोष और दुख का समय बीत चुका है. अब केवल अच्छा ही होने वाला है यानी कोरोना से पैदा हुई मुश्किलों को इसकी वैक्सीन ने अच्‍छे अनुभव में बदल दिया है. इस आर्टिकल में अनुमान लगाया गया है कि वित्‍त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.7 फीसदी की गिरावट आ सकती है, लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में तेज वृद्धि देखने को मिलेगी. वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में उपभोक्‍ता खर्च बढ़ने से आर्थिक वृद्धि को मदद मिलेगी.

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अर्थव्‍यवस्‍था को हुए नुकसान की भरपाई में लगेगा वक्‍त
आरबीआई ने स्टेट ऑफ इकोनॉमी आर्टिकल में कहा है कि बैंकों के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) कम हो रहा है और लोन रिकवरी में भी सुधार हुआ है. कैपिटल इंफ्यूजन और बकाया लोन को हैंडल करने के नए तरीकों से देश की अर्थव्यवस्था तरक्की और ग्रोथ की ओर लौटेगी. हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि कोरोना वायरस के प्रभाव से पूरी तरह निकलने और अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई में अभी समय लगेगा. साथ ही अनुमान लगाया गया है कि कि इस साल रबी फसलों की बंपर पैदावार होगी.
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