रिजर्व बैंक ने Bank of India पर लगाया 4 करोड़ रुपये का जुर्माना! BOI के शेयर 4 फीसदी टूटे, जानें क्यों लगी पेनाल्टी

भारतीय रिजर्व बैंक ने 4 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने 4 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट की जांच से पता चला कि इन मामलों में बैंक ने उचित मानदंड़ों का पालन नहीं किया. आरबीआई ने पाया कि बैंक ने धोखाधड़ी की सूचना उसे समय पर नहीं दी और फ्रॉड वाले ऐसेट्स को बेच दिया गया.

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नई दिल्ली. नियमों और उचित मानदंडों का उल्लंघन करने पर बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 4 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. आरबीआई के द्वारा पेनाल्टी लगाए जाने के बाद मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 81.40 रुपये के भाव पर गए, जबकि सोमवार को इसके शेयर 84.60 रुपये पर बंद हुए थे. हालांकि, दिन चढ़ने के साथ इसके शेयर की कीमतों में मालूली सुधार हुआ और BOI के शेयर 2.78% गिरकर 82.25 रुपये पर बंद हुए.  हालांकि आज लगभग सभी बैंको के शेयर में गिरावट दर्ज की गई और Nifty Bank 1% से अधिक यानी 358.35 अंक गिरकर 35,085.30 अंकों पर बंद हुआ. दरअसल, RBI ने बैंक ऑफ इंडिया पर नॉर्म्स का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया. 


ये है पूरा मामला

BOI ने 31 मार्च 2019 को एक धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए एनुअस सुपवाइजरी इंस्पेक्शन किया था और उसकी धोखाधड़ी निगरानी रिपोर्ट (FMR) सौंपी थी. RBI को रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट की जांच से पता चला कि इस मामलों में बैंक ने उचित मानदंड़ों का पालन नहीं किया. RBI ने पाया कि बैंक ने धोखाधड़ी की सूचना उसे समय पर नहीं दी और फ्रॉड वाले ऐसेट्स को बेच दिया गया. इसके बाद RBI ने BOI को कारण बताओ नोटिस भेजा और पूछा कि निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए उन पर पेनल्टी क्यों लगाई जाए. RBI का कहना है कि नियामकीय अनुपालन में कमी के कारण बैंक पर जुर्माना लगाया गया है. 


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बैंक ऑफ इंडिया भी होगा प्राइवेट!

बैंक प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatisation) को लेकर बड़ी खबर आ रही है. केंद्र सरकार ने फरवरी में पेश किए गए बजट में दो सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन का ऐलान किया था. वित्तमंत्री की ओर से किए गए ऐलान के मुताबिक, सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) में हिस्सेदारी बेचने का प्लान बना रही थी, लेकिन अब खबर आ रही है कि सरकार बैंक ऑफ इंडिया में भी अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है. यानी बैंक ऑफ इंडिया भी प्राइवेट हाथों में जा सकता है.

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