Bandhan Bank पर लगा एक करोड़ रुपये का जुर्माना, जानें क्या है वजह?

रिजर्व बैंक ने इस संबंध में मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी किया

रिजर्व बैंक ने इस संबंध में मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी किया

बंधन बैंक (Bandhan Bank) को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) से 2014 में सामान्य बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ था और उसने अगस्त 2015 में एक पूर्ण बैंक के रूप में काम करना शुरू किया.

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कोलकाता. भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बंधन बैंक (Bandhan Bank) पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. ये जुर्माना आरबीआई की गाइडलाइन्स को पूरा न करने के चलते लगाया गया है. बंधन बैंक को प्रवर्तक हिस्सेदारी (Promoter Holding) कम करके 40 प्रतिशत पर लाना था. लेकिन बैंक ने तय समय के भीतर ऐसा नहीं किया. बता दें कि बंधन बैंक को केन्द्रीय बैंक से 2014 में सामान्य बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ था और उसने अगस्त 2015 में एक पूर्ण बैंक के रूप में काम करना शुरू किया.

बंधन बैंक ने नियामकीय सूचना में कहा है कि रिजर्व बैंक ने बैंक में बंधन फाइनेंसियल होल्डिंग्स लिमिटेड की हिस्सेदारी को कम करके 40 प्रतिशत पर लाने में असफल रहने पर जुर्माना लगाया है. बैंक द्वारा पूर्ण बैंकिंग कारोबार शुरू करने के तीन साल के भीतर ये हिस्सेदारी बैंक मताधिकार वाली चुकता पूंजी के 40 प्रतिशत पर लाई जानी थी.

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जनता सहकारी बैंक पर भी जुर्माना
रिजर्व बैंक ने सहकारी क्षेत्र के जनता सहकारी बैंक पर भी एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा जलगांव पीपुल्स सहकारी बैंक पर भी 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. केन्द्रीय बैंक ने आय पुष्टि, अग्रिम प्रबंधन और संपत्ति वर्गीकरण नियमों के उल्लंघन को लेकर पुणे स्थित जनता सहकारी बैंक पर एक करोड़ रुपये और जलगांव पीपुल्स सहकारी बैंक पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. रिजर्व बैंक ने इस संबंध में मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी कर ये जानकारी दी है.

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