RBI ने बैंकों और NBFC के लिए जारी किए नए दिशानिर्देश, जानें किन लोगों पर होंगे लागू

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

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भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of india) ने मंगलवार को बैंकों और होम लोन देने वाली कंपनियों सहित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए सांविधिक लेखा परीक्षकों की नियुक्ति के दिशानिर्देश जारी किए हैं.

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नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of india) ने मंगलवार को बैंकों और होम लोन देने वाली कंपनियों सहित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए सांविधिक लेखा परीक्षकों की नियुक्ति के दिशानिर्देश जारी किए हैं. दिशानिर्देशों में कहा गया है कि वाणिज्यिक बैंकों (आरआरबी को छोड़कर), यूसीबी और एनबीएफसी (एचएफसी सहित) के लिए सांविधिक केंद्रीय लेखा परीक्षकों (एससीए)/सांविधिक लेखा परीक्षकों (एसए) की नियुक्ति के लिए दिशानिर्देश वित्त वर्ष 2021-22 और उसके बाद लागू होंगे.

आपको बता दें जमाएं नहीं लेने वाली 1,000 करोड़ रुपये से कम की परिसंपत्ति वाली एनबीएफसी के पास मौजूदा प्रक्रिया को जारी रखने का विकल्प होगा. शहरी सहकारी बैंकों को एससीए/ एस की नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से वार्षिक आधार पर स्वीकृति लेनी होगी.

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शहरी सहकारी बैंकों और गैस बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए पहली बार इस व्यवस्था में लाया जा रहा है इस लिए उनको उचित सयम देने के लिए उन पर यह व्यवस्था अपनाने को 2021-22 के उत्तरार्ध से अपनाने की छूट होगी.
महंगाई को लेकर आरबीआई ने कही ये बात

RBIका कहना है कि अगर कोरोना के बढ़ते मामले पर समय रहते काबू नहीं किया गया तो इससे सामान की आवाजाही पर लंबे समय तक प्रतिबंध लग सकता है जिसका असर सप्लाई चेन पर देखा जा सकेगा और अगर देश की सप्लाई चेन बिगड़ती है तो फ्यूल इनफ्लेशन बढ़ेगा जिससे पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा होगा. RBI के आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI)आधारित महंगाई मार्च में बढ़कर 5.5% हो गई जो फरवरी में 5% थी. वहीं खाद्य और ईंधन की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ी है.
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