होम /न्यूज /व्यवसाय /लॉकर के लिए बैंकों को अपनाने होंगे नए नियम, RBI ने जारी की गाइडलाइंस

लॉकर के लिए बैंकों को अपनाने होंगे नए नियम, RBI ने जारी की गाइडलाइंस

बैंकों के ब्रांच वाइज लॉकर एलॉटमेंट की जानकारी और वेटिंग लिस्ट कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा.

बैंकों के ब्रांच वाइज लॉकर एलॉटमेंट की जानकारी और वेटिंग लिस्ट कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा.

बैंकों में लॉकर को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने बुधवार को नए दिशानिर्देश जारी किए. बैंक लॉकर के नए नियम ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. अगर आप बैंक लॉकर (Bank Locker) का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपके लिए जरूरी खबर है. अगले साल से बैंक लॉकर को लेकर नियम बदल जाएंगे. दरअसल, बैंकों में लॉकर को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) ने बुधवार को नए दिशानिर्देश जारी किए. बैंक लॉकर के नए नियम 1 जनवरी, 2022 से लागू होंगे.

    आरबीआई ने बुधवार को बैंकों को लॉकरों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. नए नियम के मुताबिक, बैंकों के ब्रांच वाइज लॉकर एलॉटमेंट की जानकारी और वेटिंग लिस्ट कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा. गाइडलाइंस में कहा गया है कि बैंकों को लॉकर आवंटन के सभी आवेदनों के लिए पावती देनी होगी. यदि अगर लॉकर आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं हैं तो बैंकों को ग्राहकों को इंतजार वेटिंग लिस्ट का नंबर देना होगा.

    नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक के मौजूदा ग्राहक जिन्होंने लॉकर सुविधा के लिए आवेदन किया है और जो सीडीडी (Customer Due Diligence) मानदंडों का पूरी तरह से अनुपालन करते हैं, उन्हें सेफ डिपॉजिट लॉकर/सेफ कस्टडी आर्टिकल की सुविधा निम्नलिखित के अधीन दी जा सकती है. नए नियम के मुताबिक, जिन ग्राहकों का बैंक के साथ कोई अन्य बैंकिंग रिलेशन नहीं है, उन्हें सेफ डिपॉजिट लॉकर/सेफ कस्टडी आर्टिकल की सुविधा दी जा सकती है.

    आरबीआई ने कहा कि बैंक लॉकर समझौते में एक क्लॉज शामिल करेंगे कि लॉकर में कुछ भी अवैध या कोई खतरनाक पदार्थ नहीं रखा जाएगा. अगर बैंक को किसी भी ग्राहक द्वारा सुरक्षित जमा लॉकर में किसी भी अवैध या खतरनाक पदार्थ के जमा होने का संदेह है, तो बैंक को ऐसे ग्राहक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का अधिकार होगा.

    ये भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों से मिलेगी राहत! जानें Fuel Cards कैसे करेंगे आपकी बचत में मदद

    रिजर्व बैंक के नए नियम के तहत आग, चोरी, इमारत ढहने या बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी के मामले में बैंकों की देनदारी उसके वार्षिक किराए के 100 गुना तक सीमित होगी. यदि ग्राहक द्वारा लगातार तीन वर्षों तक किराए का भुगतान नहीं किया गया है तो बैंक उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए किसी भी लॉकर को खोल सकता है.

    Tags: Bank, RBI, Reserve bank of india

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें