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RBI के फैसले से आपके फिक्सड डिपॉजिट (FD) पर होगा ये असर, जानिए कितना घटेगा या बढ़ेगा मुनाफा!

RBI के फैसले से आपके फिक्सड डिपॉजिट (FD) पर होगा ये असर, जानिए कितना घटेगा या बढ़ेगा मुनाफा!

कोरोना दुनिया भर में डर फैला रहा

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RBI ने इससे पहले लगातार 5 बार ब्याज दरों में कटौती की थी. RBI द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने के असर निवेशकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) यानी FD पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कैसे ब्याज दरों बदलाव नहीं होने का असर FD पर होगा...

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    नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI ने रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा है. MPC के सभी 6 सदस्यों ने ब्याज दरें नहीं बदलने के पक्ष में मत दिया हैं. लगातार दूसरी बैठक में रेपो दर को स्थिर रखा गया है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी पर बरकरार है. रिजर्व बैंक ने CRR 4 फीसदी और SLR 18.5 फीसदी पर बनाए रखा है. RBI ने इससे पहले लगातार 5 बार ब्याज दरों में कटौती की थी. RBI द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने के असर निवेशकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) यानी FD पर पड़ेगा. आइए जानते हैं कैसे ब्याज दरों बदलाव नहीं होने का असर FD पर होगा...

    निवेशकों के FD पर होगा असर
    ब्याज दरों को बनाए रखने के आज के फैसले का मतलब यह होगा कि बैंक द्वारा एफडी दरों में कोई बदलाव आंतरिक कारकों के कारण होगा. जिसमें विभिन्न बैंकों की फंड जरूरतें शामिल हैं. RBI ने पिछले साल लगातार 5 बार रेपो रेट घटाया था. रेपो रेट में कटौती का असर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ा था. दिसंबर 2019 में RBI ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. इसके बाद SBI ने निश्चित समय के लिए FD पर ब्याज दरें 15 बेसिस प्वाइंट घटा दी थीं. ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किया सावधान! ये SMS खाली कर सकता हैं आपका बैंक खाता

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    10 जनवरी 2020 से एसबीआई के एक साल के एफडी पर ब्याज दर 6.10 फीसदी है, जबकि नवंबर 2019 को इस पर ब्याज दर 6.25 फीसदी थी. वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर 6.60 फीसदी है जो नवंबर 2019 को 6.75 फीसदी थी. इसके पहले, अगस्त 2019 में आम लोगों के लिए एफडी पर ब्याज दर 6.8 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.3 फीसदी थी.

    वरिष्ठ नागरिकों पर होता सबसे ज्यादा असर
    फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें घटने का सबसे ज्यादा असर वरिष्ठ नागरिकों पर होता है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी, इनकम का बेहतर जरिया है. एफडी की ब्याज दरें घटने से पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स जैसे टर्म डिपॉजिट और सीनियर सीटिजन सेविंग स्कीम्स वरिष्ठ नागरियों के बेहतर विकल्प हो सकती है.



    2019-20 में 5 प्रतिशत रहने के अनुमान पर कायम
    रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 में 5 प्रतिशत रहने के अनुमान को बनाये रखा. उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि 2020-21 में सुधरकर 6 प्रतिशत हो सकती है. उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर अभी भी अपनी संभावित क्षमता से कम है.

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