RBI अगस्त में नहीं करेगा ब्याज दरों में कटौती, जानें वजह?

RBI की अगले महीने पेश होने वाली मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखे जाने की संभावना है. इसकी अहम वजह देश में वृद्धि की रफ्तार का धीमा पड़ना है.

भाषा
Updated: July 25, 2019, 9:19 PM IST
RBI अगस्त में नहीं करेगा ब्याज दरों में कटौती, जानें वजह?
RBI अगस्त में ब्याज दरों में कटौती पर लगा सकता है विराम!
भाषा
Updated: July 25, 2019, 9:19 PM IST
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगले महीने पेश होने वाली मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखे जाने की संभावना है. इसकी अहम वजह देश में वृद्धि की रफ्तार का धीमा पड़ना है. डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के अनुसार, मानसून (Monsoon) का खाद्यान्न कीमतों पर प्रभाव पता लगना अभी बाकी है. अगले महीने के अंत तक यह स्पष्ट हो जाएगा. हालांकि, मांग में नरमी के चलते कुल मिलाकर मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने की संभावना है.

सुधार को लेकर चिंताएं बढ़ी
डन एंड ब्रैडस्ट्रीट इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री अरुण सिंह ने कहा कि पिछले साल से वैश्विक और घरेलू स्तर पर वृद्धि की रफ्तार कमजोर पड़ रही है, कारोबारी भरोसे का स्तर कई सालों के निचले स्तर पर पहुंच गया है और इससे वृद्धि में फिर सुधार को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं.

सिंह ने कहा, बाजार में नकदी के प्रबंधन के लिए कई पहलों के साथ नीतिगत दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती की गयी है. ऐसे में दरों में किसी भी तरह के बदलाव से पहले रिजर्व बैंक को कृषि उत्पादों पर मानसून के प्रभाव और नीतिगत दरों में कटौती के लाभ के प्रसार का इंतजार करना चाहिए.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का दावा, 4 लाख नौकरियों के लिए भर्ती शुरू हो गयी है

IMF ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया
अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को इस साल के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 7 प्रतिशत और अगले साल के लिए 7.2 प्रतिशत कर दिया है. इसकी वजह उसने घरेलू मांग का कमजोर पड़ना बताया है.
Loading...

सिंह ने कहा कि अभी घरेलू उपभोग मांग में सुधार सुनिश्चित करने को और निवेश लाने की जरूरत है. मौद्रिक प्रोत्साहन के लिए नीतिगत दरों में कटौती और तरलता बढ़ाने जैसे कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं. अब यह बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार अगले दो-तीन माह के लिए क्या रूपरेखा तैयार करती है. उन्होंने कहा कि राजकोषीय बाध्यताओं के चलते सरकार का ध्यान अब पूंजी के उपयोग का प्रदर्शन स्तर सुधारने पर और बाजार उन्मुखी सुधार पर होना चाहिए.

5 से 7 अगस्त को होगी बैठक
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 5 से 7 अगस्त को होनी है. इससे पहले जून की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में इस साल तीसरी बार कटौती की थी.

ये भी पढ़ें: आम्रपाली मामले में नया खुलासा, खरीदारों के पैसे से खरीदे थे 5.88 करोड़ के सोने के बिस्किट
First published: July 25, 2019, 6:40 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...