कोऑपरेटिव बैंकों को रेग्युलेट कर सकता है RBI, संसद में बिल को मंजूरी संभव

कोऑपरेटिव बैंकों को RBI रेग्युलेट कर सकती है.
कोऑपरेटिव बैंकों को RBI रेग्युलेट कर सकती है.

बहुत जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को कोऑपरेटिव बैंक (Co-Operative Banks) रेग्युलेट करने की जिम्मेदारी मिल सकती है. इसके लिए बजट सत्र के दौरान संसद से मंजूरी मिल सकती है.

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नई दिल्ली. सहकारी बैंकों (Co-operative Banks) की कमजोरियों को दूर करने के लिए इन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के नियमन के तहत लाने की तैयारी हो रही है. बहु-राज्य सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक के प्रभावी नियमन के दायरे में लाने के लिये बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक संसद के बजट सत्र में पारित किया जा सकता है.

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सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित कानून से पंजाब एंड महाराष्ट्र कोआपरेटिव बैंक (PMC Bank) जैसे संकट की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा. देश में कुल 1,540 सहकारी बैंक हैं. इनमें बैंकों के जमाकर्ताओं की संख्या 8.60 करोड़ है. इन जमाकर्ताओं की सहकारी बैंकों में कुल जमा पांच लाख करोड़ रुपये है.

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सोमवार से शुरू होगा बजट सत्र का दूसरा चरण


पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैंकिंग नियमन अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी थी. इस विधेयक को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंजूरी मिलने की उम्मीद है. बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है. यह तीन अप्रैल को समाप्त होगा.

सरकार ने सार्वजनिक बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, IL&FS जैसे वित्तीय संस्थानों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC), आडिटरों और रेटिंग एजेंसियों की ‘साफ-सफाई’ के लिए कई उपाय किए हैं. पूरे पारिस्थतिकी तंत्र को पूरी तरह गड़बड़ी मुक्त करने की दिशा में सहकारी बैंकों को केंद्रीय बैंक के नियमन के तहत लाना एक आखिरी कदम होगा. इस कदम के पीछे मुख्य मकसद जमाकर्ताओं के धन को सुरक्षित रखना है.

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