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RBI Monetary Policy: रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर आपकी जेब पर! जानिए कहां-कहां चुकाना होगा अधिक पैसा

केंद्रीय बैंक द्वारा इस साल ब्‍याज दरों में की गई यह चौथी वृद्धि है.

केंद्रीय बैंक द्वारा इस साल ब्‍याज दरों में की गई यह चौथी वृद्धि है.

केंद्रीय बैंक के रेपो रेट (RBI Rapo Rate Hike) में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों पर होगा. रेपो रेट में वृद्धि होने के बाद ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

भारतीय रिजर्व बैंक ने आज रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढोतरी कर दी है.
आज की बढोतरी के बाद रेपो रेट बढकर 5.90 फीसदी हो गया है.
रेपो रेट बढने का असर बैंक लोन और महंगाई पर होगा.

नई दिल्‍ली. बढ़ती महंगाई से चिंतित भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में शुक्रवार को 0.50% का इजाफा कर दिया है. आज की बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट अब 5.90% हो गया है. केंद्रीय बैंक द्वारा इस साल ब्‍याज दरों में की गई यह चौथी वृद्धि है. इससे पहले अगस्‍त में रेपो रेट में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई थी. महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई लगातार ब्‍याज दरें बढ़ा रहा है.

केंद्रीय बैंक के रेपो रेट में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों पर होगा. रेपो रेट में वृद्धि होने के बाद बैंक की भी अपनी ब्‍याज दरें बढ़ाएंगे. इससे बैंक से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेना महंगा हो जाएगा. इसके साथ पहले से लोन ले चुके लोगों की ईएमआई भी बढ़ जाएगी. वहीं, बैंक में पैसे जमा कराने वाले लोगों को फायदा होगा. रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक अपनी फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट की ब्‍याज दरों को भी बढ़ा सकते हैं.

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किस पर होगा असर?
होम लोन की ब्याज दरें 2 तरह से होती हैं. पहली फ्लोटर और दूसरी फ्लेक्सिबल. फ्लोटर में लोन की ब्याज दर शुरू से आखिर तक एक ही रहती है. इस पर रेपो रेट में बदलाव का कोई फर्क नहीं पड़ता. वहीं फ्लेक्सिबल ब्याज दर लेने पर रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर लोन की ब्याज दर पर होता है. ऐसे में जिन लोगों ने फ्लेक्सिबल ब्याज दर पर लोन ले रखा है, तो उनकी ईएमआई बढ़ जाएगी. इसी तरह रेपो रेट बढ़ने के बाद जो लोग होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन लेंगे, उन्‍हें अब ज्‍यादा ब्‍याज देना होगा.

रेपो रेट बढ़ने से पहले अगर कोई बैंक 20 साल के लिए 30 लाख रुपये का होम लोन 7.55 फीसदी की दर से  दे रहा था तो रेपो रेट बढ़ने के बाद यह ब्‍याज दर 8.05 तक कर सकता है. आमतौर पर रेपो रेट बढ़ने के कुछ समय बाद ही बैंक अपनी ब्‍याज दरें बढ़ा देते हैं.

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महंगाई पर लगेगी लगाम
रेपो रेट बढ़ने से महंगाई पर भी लगाम लगने की उम्‍मीद. RBI के पास रेपो रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है. जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो, RBI रेपो रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है. रेपो रेट बढ़ने से बैंकों को आरबीआई से कर्ज लेने के लिए ज्‍यादा ब्‍याज देना पड़ता है. ऐसा होने से बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं. इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम हो जाता है. मनी फ्लो कम होने से डिमांड में कमी आने की उम्‍मीद की जाती है. मांग कम होने से महंगाई घटने की उम्‍मीद की जाती है.

Tags: Bank Loan, Car loan, Inflation, RBI, RBI Governor, Rbi policy

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