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इस दिन होगी RBI मौद्रिक नीति की बैठक, क्या ब्याज दरों में होगी एक और कटौती?

News18Hindi
Updated: February 3, 2020, 11:16 PM IST
इस दिन होगी RBI मौद्रिक नीति की बैठक, क्या ब्याज दरों में होगी एक और कटौती?
भारतीय रिजर्व बैंक

RBI ने की चालू वित्त वर्ष की अंतिम मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक गुरुवार को होगी. मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 4-6 का बैठक होगी.

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  • Last Updated: February 3, 2020, 11:16 PM IST
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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) चालू वित्त वर्ष की अंतिम मौद्रिक नीति (Monetary Policy committee) समीक्षा गुरुवार को पेश करेगा. यह समीक्षा ऐसे समय आएगी जब आर्थिक वृद्धि में नरमी बरकार है लेकिन मुद्रास्फीति बढ़ रही है और हाल ही में केंद्र सरकार ने बजट पेश किया है. वित्त वर्ष 2019-20 के लिये छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा इस वित्त वर्ष की आखिरी समीक्षा होगी.

4-6 फरवरी को होगी एमपीसी बैठक
आरबीआई ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 4-6 का बैठक होगी. केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह मौद्रिक नीति समीक्षा छह फरवरी को वेबासाइट पर दोपहर से पहले डालेगा. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है जो 11 साल का न्यूनतम स्तर है. इसका कारण विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारक हैं. इसमें उपभोग मांग में कमी शामिल है.

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दिसंबर खुदरा महंगाई में बड़ी तेजी
दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति भी 7.3 प्रतिशत के उच्च स्तर पर रही. इसका कारण सब्जी खासकर प्याज और टमाटर का महंगा होना है. डीबीएस ग्रुप रिसर्च की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि केंद्रीय नीतिगत दर को यथावत रख सकता है लेकिन वह नरम रुख बनाये रखेगा ताकि पूंजी की लागत स्थिर और अनुकूल बनी रहे.’’फिलहाल कितना है ब्याज दर
पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने नीतिगत दर को यथावत 5.15 प्रतिशत पर बरकरार रखा था. रेपो दर वह दर है जिसपर केंद्रीय बैंक अपने बैंकों को कर्ज देता है.

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क्या एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती करेगा आरबीआई?
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक पोल में कहा है कि कम से कम अक्टूबर तक केंद्रीय बैंक अब नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा. रॉयटर्स ने इस पोल में बजट से ठीक पहले प्रमुख अर्थशास्त्रियों को शामिल किया था. इस पोल के रिजल्ट से पता चलता है कि मौजूद आर्थिक हालात को देखते हुए अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में 25 आधार अंक यानी 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है. अगर आरबीआई यह फैसला लेता है तो नीतिगत ब्याज दर 4.90 फीसदी के स्तर पर आ जाएगा. हालांकि, कुछ जानकारों ने यह भी कहा कि ब्याज दरों में कटौती न करने का फैसला थोड़े और लंबे समय के लिए रह सकता है.

क्या है RBI MPC का काम
बता दें कि केंद्रीय बैंक हर दूसरे महीने मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है. इस पर करीबी नजर रखी जाती है. इसमें अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए नीतिगत ब्याज दर घटाने या बढ़ाने का फैसला लिया जाता है. यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति लेती है. यह एक ऐसी व्य​वस्था है, जिसकी मदद से रिजर्व बैंक देश की अर्थव्यवस्था में पैसे की आपूर्ति को नियंत्रित करता है.

भाषा इनपुट के साथ

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First published: February 3, 2020, 11:16 PM IST
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