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प्याज-टमाटर के भाव ने RBI की बढ़ाई टेंशन! मार्च तक और सताएगी महंगाई

News18Hindi
Updated: December 5, 2019, 5:03 PM IST
प्याज-टमाटर के भाव ने RBI की बढ़ाई टेंशन! मार्च तक और सताएगी महंगाई
जानें बैठक की 5 खास बातें

मुख्य रूप से प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों की कीमतों में उछाल को देखते हुये रिजर्व बैंक (RBI) ने मुद्रास्फीति (Inflation) का अनुमान बढ़ाया है.

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  • Last Updated: December 5, 2019, 5:03 PM IST
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नई दिल्ली.  बढ़ती महंगाई से मार्च 2020 तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को अपनी मौद्रिक नीति बैठक में चालू वित्‍त वर्ष की दूसरी छमाही के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 4.75-5.1 फीसदी कर दिया है. मुख्य रूप से प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों की कीमतों में उछाल को देखते हुये केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाया है. इसका मतलब होली तक लोगों को महंगाई से राहत नहीं मिलेगी.

रिजर्व बैंक ने कहा, आगे चलकर मुद्रास्फीति का परिदृश्य कई कारकों से प्रभावित होगा. सब्जियों की कीमतों में तेजी आने वाले महीनों में जारी रह सकती है. हालांकि, खरीफ फसल की आवक बढ़ने और सरकार द्वारा आयात के जरिये आपूर्ति बढ़ाने के प्रयासों से फरवरी, 2020 की शुरुआत में सब्जियों के दाम नीचे लाने में मदद मिलेगी. केंद्रीय बैंक ने कहा कि दूध, दालों और चीनी जैसे खाद्य उत्पादों में कीमतों पर जो शुरुआती दबाव दिख रहा है, वह अभी कायम रहेगा. इससे खाद्य मुद्रास्फीति प्रभावित होगी. अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई. मुख्य रूप से खाद्य वस्तुएं महंगी होने से खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी है. आइए जानते हैं आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक की मुख्य बातें-

(1) रेपो रेट 5.15% पर बरकरार- RBI ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया है. रेपो दर 5.15 फीसदी पर बरकरार रहेगा. इससे पहले रिजर्व बैंक इस साल अब तक रेपो रेट में 1.35 फीसदी की कटौती कर चुका है. इस साल रेपो दर में कुल 135 आधार अंकों की कटौती हुई है. नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम है. मार्च, 2010 के बाद यह रेपो रेट का सबसे निचला स्तर है. ये भी पढ़ें: सरकार के इस फैसले से टीवी, टायर और काजू समेत ये चीजें हो सकती हैं महंगी



(2) GDP अनुमान घटाया- रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है. इसके पहले अक्टूबर में रिजर्व बैंक ने ग्रोथ का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया था. जबकि अगस्त में रिजर्व बैंक ने ग्रोथ का अनुमान 7.0 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया था. रिजर्व बैंक के अनुसार घरेलू मांग में कतमी धीमी ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण है.

(3) बढ़ सकती है महंगाई- आरबीआई के अनुसार छोटी अवधि में महंगाई बढ़ सकती है. रिजर्व बैंक ने अक्टूबर से मार्च के लिए महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 4.75-5.1 फीसदी कर दिया है. वहीं, अप्रैल से सितंबर 2020 के लिए महंगाई का लक्ष्य 3-4 फीसदी रखा है. ये भी पढ़ें: सरकार दे रही है घर बैठे सस्ता सोना खरीदने का मौका, बचे हैं सिर्फ 2 दिन

(4) अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत- आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत हैं. अक्टूबर तक सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती रही. 3 दिसंबर तक 45,170 करोड़ डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था. सरकारी खर्च बढ़ने से ग्रोथ को थोड़ी मदद मिली है.

(5) NBFC के दिवालिया न होने का भरोसा- RBI गवर्नर ने कहा, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के क्रेडिट फ्लो में सुधार आया है. NBFCs की लिक्विडिटी पर अगले 3 महीने तक नजर है. किसी बड़े NBFC के दिवालिया न होने का भरोसा.

इसके अलावा उन्होंने कहा, 1 करोड़ डॉलर के डेरि​वेटिव्स डील को बगैर एक्सपोजर मंजूरी. अक्टूबर में गैर-ऑयल एक्सपोर्ट में सुधार दिखा है. नवंबर में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. रबी की बुवाई में थोड़ा सुधार दिखा है.

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First published: December 5, 2019, 1:22 PM IST
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