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RBI के फैसले से NBFC, HFC में बढ़ेगी तरलता

RBI के फैसले से NBFC, HFC में बढ़ेगी तरलता

केन्द्रीय बैंक ने एनबीएफसी द्वारा जारी बॉन्ड के एवज में बैंकों को आंशिक ऋण विस्तार की अनुमति दी है.

केन्द्रीय बैंक ने एनबीएफसी द्वारा जारी बॉन्ड के एवज में बैंकों को आंशिक ऋण विस्तार की अनुमति दी है.

केन्द्रीय बैंक ने एनबीएफसी द्वारा जारी बॉन्ड के एवज में बैंकों को आंशिक ऋण विस्तार की अनुमति दी है.

    गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में नकदी बढ़ाने के लिये रिजर्व बैंक की आंशिक ऋण विस्तार (PCE) पहल को हो सकता है कि बैंकों की तरफ से बेहतर प्रतिक्रिया नहीं मिले. केन्द्रीय बैंक ने एनबीएफसी द्वारा जारी बॉन्ड के एवज में बैंकों को आंशिक ऋण विस्तार की अनुमति दी है. एक रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त किया गया है.

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    रिजर्व बैंक ने 2 नवंबर को बैंकों को इस प्रकार की अनुमति दी है. प्रणाली के तहत महत्वपूर्ण एनबीएफसी और आवास वित्त कंपनियों द्वारा जारी बॉन्ड के समक्ष बैंकों को आंशिक ऋण विस्तार की अनुमति दी गई है. माना जा रहा है कि केन्द्रीय बैंक के इस कदम से एनबीएफसी और आवास वित्त कंपनियों में तरलता बढ़ेगी.

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    इंडिया रेटिंग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक का यह सर्कुलर ऐसे समय आया है जब समूचे एनबीएफसी क्षेत्र में नकदी की तंगी बनी हुई है. इस परिदृश्य के मद्देनजर बैंक अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराने के मामले में पूरी तरह सतर्कता बरत सकते हैं.

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    रिजर्व बैंक ने कहा है कि पीसीई सुविधा के साथ जारी बॉन्ड से प्राप्त राशि का इस्तेमाल केवल एनबीएफसी और आवास वित्त कंपनियों के मौजूदा कर्ज के पुनर्वित के लिये ही इस्तेमाल किया जाना चाहिये.

    Tags: Bonds, Business news in hindi, Housing loan, NBFCs, RBI

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